- ट्रेन की पहली टनल का कार्य जोरों पर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: रैपिड रेल की पहली टनल के प्रथम चरण का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। आनंद विहार से न्यू अशोक नगर की ओर यह टनल 1.5 किमी लंबी है। टनल बोरिंग मशीन सुदर्शन (टीबीएम) तीन किमी लंबी टनल का निर्माण करेगी। जिसमें से आधी दूरी के टनल का निर्माण कार्य इसने पूरा कर लिया है।
आरआरटीएस के जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया कि आनंद विहार स्टेशन से न्यू अशोक नगर की ओर तीन किमी लंबी समानान्तर दो टनल बनाने के लिए दो सुदर्शन (टीबीएम) कार्य कर रही हैं। इसमें से जहां पहली सुदर्शन ने अब तक 1.5 किमी टनल बोर की है, वहीं दूसरी सुदर्शन ने भी अब तक लगभग एक किमी टनल बोर कर ली है। टनल निर्माण का कार्य पूरा होने के बाद इन दोनों सुदर्शन को बाहर निकालने के लिए रिट्रीविंग शाफ्ट न्यू अशोक नगर स्टेशन के पास बनाया गया है।

यहां से कॉरिडोर भूमिगत से एलिवेटेड हो जाएगा। वहीं, दूसरी ओर आनंद विहार से साहिबाबाद, उत्तर प्रदेश की ओर करीब दो किमी लंबी टनल बनाई जाएगी, जो वैशाली मेट्रो स्टेशन के सामने समाप्त होगी। इसके निर्माण के लिए एक अन्य सुदर्शन मशीन कार्य कर रही है। अधिकारियों के अनुसार एनसीआरटीसी के कास्टिंग यार्ड में सुनिश्चित और गुणवत्ता नियंत्रण के साथ टनल सेगमेंट्स का निर्माण भी किया जा रहा है। बड़े रोलिंग स्टॉक और 180 किमी प्रति घंटे की उच्च डिजाइन गति के कारण आरआरटीएस की टनल को 6.5 मीटर व्यास का बनाया जा रहा है।
मेट्रो प्रणालियों की तुलना में देश में पहली बार इतने बड़े आकार की टनल का निर्माण किया जा रहा है। जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया कि आरआरटीएस के भूमिगत हिस्सों में ट्रेनों के आने-जाने के लिए समानान्तर अलग अलग दो टनल बनाए जा रहे है। इसके साथ ही यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न सुरक्षा उपायों का भी प्रावधान भी किया गया है।

किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के लिए भूमिगत हिस्सों में लगभग हर 250 मीटर पर एक क्रॉस-पैसेज होगा। साथ ही टनल में 60 सेमी-90 सेमी चौड़ा एक साइड वॉकवे भी होगा जो रखरखाव गतिविधियों में सहायता प्रदान करने के साथ-साथ आपातकालीन स्थिति में भी सहायता करेगा। टनल में हवा का आवागमन सुनिश्चित करने के लिए जगह जगह वेंटिलेशन डक्ट भी बनाए जाएंगे।

