- टीम ने नादिर अली बिल्डिंग का भी किया निरीक्षण
- कहा-घबराएं नहीं, हम हर स्थिति पर बनाए हुए हैं नजर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: रैपिड और मेट्रो के भैंसाली स्टेशन पर चली वाईव्रो मशीन के बाद नादिर अली बिल्डिंग और जली कोठी के कुछ हिस्सों में हुए कंपन और मकानों में आई दरारों को लेकर अब रैपिड प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। कल रैपिड प्रशासन की तकनीकी टीम ने जहां दिल्ली रोड की इमारतों और कुछ प्रतिष्ठानों में आई दरारों का निरीक्षण किया था। वहीं, गुरुवार को टीम ने नादिर अली बिल्डिंग और इनकम टैक्स आॅफिस की दीवारों का निरीक्षण किया।
टीम सबसे पहले नादिर अली बिल्डिंग गई और वहां पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर और कांग्रेस नेता डॉ यूसुफ कुरैशी के आवास पर पहुंची। टीम ने यहां कई क्षेत्र वासियों से भी बात की। इलाके के लोगों ने बताया कि यहां पर चार-पांच दिनों तक लगातार कंपन महसूस किया गया। नादिर अली बिल्डिंग में रहने वाले शहजाद कुरैशी ने टीम को बताया कि कंपन के समय उनकी पुत्री को कई बार चक्कर तक आने की शिकायत हुई। टीम पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर के घर भी गई और वहां भी लोगों से बात की।
इस दौरान टीम ने नादिर अली बिल्डिंग में रह रहे परिवारों को आश्वस्त किया कि वे बेफिक्र रहें, क्योंकि अभी वहां कोई मशीन काम नहीं कर रही। इसके बाद टीम ने इनकम टैक्स दफ्तर की दीवारों का भी निरीक्षण किया। नादिर अली बिल्डिंग के लोगों ने बताया कि टीम ने इस इलाके के लोगों को इस बात के लिए अलर्ट किया है कि यदि भविष्य में रैपिड कार्यों के चलते कहीं कोई दिक्कत आती है तो वह इसकी सूचना फौरन रैपिड प्रशासन को दें, उनकी हर संभव मदद की जाएगी।
नादिर अली बिल्डिंग के लोगों ने किया जनवाणी का शुक्रिया!
कंपन की समस्या का समाधान होने के बाद नादिर अली बिल्डिंग के लोगों ने गुरुवार को जनवाणी का शुक्रिया अदा किया। कांग्रेस नेता शहजाद कुरैशी के नेतृत्व में बिल्डिंग के लोगों ने कहा कि जनवाणी अखबार ने हमारी परेशानी को प्रमुखता से छापा जिस वजह से हमें कंपन की शिकायत से निजात मिली।
तकनीकी विशेषज्ञ फिर से करेंगे जांच
दिल्ली रोड इलाके की कुछ इमारतों में आई दरारों का बारीकी से निरीक्षण करने के लिए रैपिड प्रशासन के तकनीकी विशेषज्ञों की एक और टीम एक-दो दिन में इलाके का दौरा करेगी। सूत्रों के अनुसार रैपिड प्रशासन इन दरारों को लेकर अब अलर्ट मोड पर आ गया है। पुरानी दिल्ली चुंगी स्थित इंडियन बैंक की बिल्डिंग के मालिक एडवोकेट अमित जैन ने बताया कि 2 दिन पहले आई टीम ने आश्वासन दिया था कि दो-चार दिन के भीतर तकनीकी विशेषज्ञों की एक और टीम इमारत में आई दरारों का सर्वेक्षण करेगी।

