- तहसील और एमडीए की टीम मौके पर पहुंची, काम रुकवाया
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: वक्फ की 70 करोड़ की सम्पत्ति को लेकर फिर बवाल खड़ा हो गया हैं। कमिश्नर सुरेन्द्र सिंह ने सम्पत्ति की जांच कराने के आदेश डीएम और एमडीए उपाध्यक्ष को आदेश दिये हैं। कमिश्नर के आदेश पर गुरुवार को तहसील और एमडीए की एक टीम नंगला ताशी स्थित वक्फ बोर्ड की सम्पत्ति की जांच पड़ताल करने के लिए पहुंची। इस सम्पत्ति को लेकर पांच वर्ष पहले भी कंकरखेड़ा थाने में कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गयी थी।
अब फिर से इस कीमती सम्पत्ति पर कब्जे के प्रयास शुरू हो गए हैं। उधर, प्रशासन ने फिलहाल जांच पड़ताल होने तक इस जमीन पर किसी तरह का निर्माण करने पर प्रतिबंध लगा दिया हैं। साथ ही यह भी चेतावनी दी है कि जमीन में काम किया तो एफआईआर दर्ज कराकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एक भाजपा नेता ने इसकी शिकायत कमिश्नर सुरेन्द्र सिंह से की। इसके बाद ही प्रशासनिक अफसर हरकत में आये। कमिश्नर ने एसडीएम से फोन पर बात की तथा 70 करोड़ की वक्फ बोर्ड की सम्पत्ति की जांच पड़ताल तत्काल मौके पर पहुंचकर करने के लिए कहा था।

कमिश्नर के सख्त रुख के बाद आखिर तहसीलदार रामेश्वर प्रसाद मय टीम के नंगला ताशी स्थित विवादित जमीन पर पहुंचे। उधर, एमडीए उपाध्यक्ष मृदुल चौधरी के आदेश पर एसई वीके सोनकर, जेई वेदप्रकाश अवस्थी समेत पूरी टीम प्राधिकरण की भी मौके पर पहुंची।
मौके पर टीम को मिट्टी का कार्य व अन्य कार्य होते हुए मिला, जिसको अधिकारियों ने रुकवा दिया। अमन इंटरप्राइजेज कंपनी इस जमीन पर अपनी दावेदारी कर रही हैं। इसको लेकर बड़ा विवादित पिछले एक दशक से चल रहा हैं। क्योंकि जमीन करीब 70 करोड़ की हैं, जिसको लेकर हर किसी की निगाहें इसी जमीन पर लगी हुई हैं।
जमीन पर कब्जे की तैयारी थी, तभी एक भाजपा नेता की शिकायत पर कमिश्नर ने संज्ञान लिया तो पूरा अमला ही विवादित जमीन पर पहुंच गया। यह जमीन नंगला ताशी के रकबे में हैं। इसका खसरा संख्या 15/1 बताया गया है, जिसकी जांच पड़ताल तहसील की टीम ने आरंभ कर दी हैं।
तहसीलदार का कहना है कि सरकारी दस्तावेज में जमीन किसकी है? इसकी जांच पड़ताल की जाएगी। फिलहाल काम रुकवा दिया गया है। पहले भी इसमें एफआईआर हुई थी। किन-किन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था? क्यों दर्ज कराया गया था? इन तमाम बिन्दुओं की जांच कराई जा रही हैं। उधर, अमन एंटरप्राइजेज के मालिक रिया अब्बास समेत कई लोग एमडीए उपाध्यक्ष से मिले, जिसके बाद कुछ दस्तावेज सचिव को सौंपे हैं। वह इसकी जांच पड़ताल करा रहे हैं।

