- शिव-गौरी की पूजा से मिलेगा दोगुना फल
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: हिंदू धर्म में हरियाली तीज का विशेष महत्व होता है। हरियाली तीज श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस पर्व में विवाहित महिलाएं ज्यादातर नवविवाहित महिलाएं अपने पति की दीघार्यु के लिए भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना करती है। ज्योतिषाचार्य आशा त्यागी के अनुसार इस साल हरियाली तीज का पर्व 19 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन हरे रंग का वस्त्र पहनकर पूजा अर्चना करने का विधान है।
हरियाली तीज का पर्व अखंड सौभाग्य की प्राप्ति वाला पर्व माना जाता है। इस साल तीज पर खास संयोग भी बन रहा हैं, जो है बुधादित्य राजयोग के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग। इस योग के दौरान जो भी पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करता है उनकी मनोकामना जरूर पूर्ण होती है। ये संयोग हरियाली तीज के व्रतियों के लिए बहुत ही शुभ माना जा रहा है।
हरा रंग का वस्त्र पहने का महत्व
हरियाली तीज श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार हरा रंग शिव शक्ति को प्रिय है। सावन में जो महिलाएं हरा रंग पहनकर भगवान शिव की पूजा अराधना करती है उनकी सारी मनोकामना पूर्ण होती है साथ ही जो महिलाएं संतान प्राप्ति चाहती हैं।

उनके लिए भाग्य के रास्ते खुल जाते हैं। वहीं माता पार्वती से विवाहित जीवन में सुख शांति का आशीर्वाद मिलता है। इसलिए सावन के महीने में पड़ने वाले हरियाली तीज में हरे रंग के कपड़े या चूड़ी पहन कर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा आराधना करनी चाहिए।
कब है पूजा का शुभ मुहूर्त
श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि की शुरुआत 18 अगस्त रात्रि 8 बजकर 49 मिनट से हो रही है और समापन अगले दिन 19 अगस्त रात्रि 10 बजकर 32 मिनट में होगी। इसलिए उदया तिथि के अनुसार हरियाली तीज का व्रत 19 अगस्त को रखा जाएगा। वही ज्योतिषाचार्य के अनुसार हरियाली तीज के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम के 6 बजे से लेकर 7 बजकर 30 मिनट तक है। इस मुहूर्त में महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर सकती है।

