नमस्कार,दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। हाल ही में भारतीय टीम के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने क्रिकेट की दुनिया से सन्यास लेने की घोषणा की है। जिसके बाद से उनके फैंस निराश हैं। वहीं, आर अश्विन की पत्नी प्रीति नारायण ने अपने पति के लिए एक भावुक पोस्ट शेयर किया है।
View this post on Instagram
प्रीति ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया
दरअसल, क्रिकेटर की पत्नी प्रीति ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया है। इस दौरान उन्होंने लिखा कि, मेरे लिए पिछले दो दिन धुंधले रहे। मैं बस यही सोचती रही कि क्या लिखूं। मैं अपने सर्वकालिक पसंदीदा क्रिकेटर को किस इस तरह विदाई दूं। क्या इसमें पार्टनर का एंगल लूं या एक प्रशंसक लड़की का प्रेम पत्र लिखूं। मुझे लगता है कि इसमें सब कुछ मिला होगा। जब मैंने अश्विन की प्रेस कॉन्फ्रेंस देखी तो मैं छोटे-बड़े पलों को याद करने लगी। पिछले 13-14 वर्षों की कई यादें हैं।
हर मैच से पहले सुकुन की सांस लेना
प्रीति ने आगे लिखा वो बड़ी जीत, प्लेयर ऑफ द सीरीज के पुरस्कार, जब मुकाबला कठिन होता था तो हमारे कमरे में शांति, खेल की रणनीति बनाते हुए वीडियो को लगातार देखना और हर मैच से पहले सुकुन की सांस लेना.. ये ऐसे समय है जब हम इसका आनंद लेते थे। चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल, एमसीजी में जीत, सिडनी में ड्रॉ और गाबा की जीत। आपका टी20 में वापसी करना। यह वो समय है जब हम मौन बैठे थे और कई बार हमारा दिल टूट गया था।
पानी से ऊपर रखने के लिए कितने जुनून
पोस्ट शेयर करते हुए आर अश्विन की पत्नी ने लिखा कि, प्रिय अश्विन किट बैग साथ रखने का तरीका न जानने से लेकर दुनिया भर के स्टेडियमों में आपके साथ रहना, आपका समर्थन करना, आपको देखना और आपसे सीखना, यह आनंददायक रहा है। जिस दुनिया से आपने मेरा परिचय कराया, उसने मुझे उस खेल को करीब से देखने और आनंद लेने का सौभाग्य दिया जो मुझे पसंद है।
इसने मुझे यह भी दिखाया कि अपने सिर को पानी से ऊपर रखने के लिए कितने जुनून, कड़ी मेहनत और अनुशासन की आवश्यकता है। मुझे याद है कि हम इस बारे में बात कर रहे थे कि आपको चीजों की योजना में प्रासंगिक बने रहने के लिए बहुत कुछ क्यों करना पड़ा।
अवार्ड और रिकॉर्ड मायने नहीं रखते
आगे प्रीति लिखती हैं कि,अगर आप लगाकार अपनी प्रतिभा को नहीं बढ़ाते हैं तो अवॉर्ड, स्टैट्स, प्लेयर ऑफ द मैच अवार्ड और रिकॉर्ड मायने नहीं रखते हैं। कई बार में कुछ भी पर्याप्त नहीं होता है। अब जब आप अंतरराष्ट्रीय सफर को समाप्त कर रहे हो तो मैं बस आपको यही कहना चाहती हूं कि सब अच्छा है।
अब समय है कि आप अपने ऊपर से बोझ कम करें। अपना जीवन खुद की शर्तों को जिएं, अपने परिवार के लिए समय निकालें, पूरे दिन मीम्स शेयर करें और नई गेंदबाजी विविधता उत्पन्न करें।
बता दें कि, अश्विन ने टेस्ट में भारत के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज के तौर पर अपना करियर समाप्त किया। 106 टेस्ट मैचों में अश्विन ने 537 विकेट झटके और वह बस पूर्व स्पिनर अनिल कुंबले से पीछे थे जिन्होंने अपने टेस्ट करियर में 619 विकेट लिए हैं। 38 वर्षीय इस खिलाड़ी ने मौजूदा ऑस्ट्रेलिया दौरे पर सिर्फ एक मैच खेला था।
अश्विन को पर्थ में खेले गए पहले टेस्ट मैच के लिए प्लेइंग-11 में मौका नहीं दिया गया था, जबकि वह एडिलेड में खेले गए पिंक बॉल टेस्ट के लिए टीम में शामिल थे जो उनके करियर का अंतिम मैच रहा। तीसरे टेस्ट में अश्विन की जगह रवींद्र जडेजा को मौका दिया गया था।

