Friday, March 20, 2026
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लीज डीड निरस्त करने की सिफारिश, सदस्यता भी खत्म

  • गांधी आश्रम: डिप्टी रजिस्ट्रार सोसाइटी एवं चिट्स की तरफ से लिया गया बड़ा निर्णय

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: गांधी आश्रम की जमीन की लीज निरस्त करने की सिफारिश और कर्मचारी संगठन के चुनाव की सदस्यता को लेकर डिप्टी रजिस्ट्रार सोसाइटी एवं चिट्स की तरफ से बड़ा निर्णय लिया हैंं। डिप्टी रजिस्ट्रार ने आदेश किए हैं कि गांधी आश्रम की जमीन जो लीज पर दी गई है, उसे तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की सिफारिश की जाती हैं।

यही नहीं, विवादों में क्षेत्रीय गांधी आश्रम समिति को लेकर भी निर्णय दिया गया हैं। कहा गया है कि विवादों में आई क्षेत्रीय गांधी आश्रम समिति के विवादित पदाधिकारी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। चुनाव लड़ने का अधिकार भी खत्म करने के आदेश दिए गए हैं। कहा गया है कि भविष्य में भी विवादित पदाधिकारी कोई चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।

क्षेत्रीय गांधी आश्रम प्रबंध समिति को भंग कर दिया गया था। यह भंग की कार्रवाई 9 सितंबर 2022 में की गई थी। डिप्टी रजिस्ट्रार ने जो आदेश दिये हैं, उसमें कहा गया है कि क्षेत्रीय गांधी आश्रम मेरठ के मंत्री पृथ्वी सिंह रावत एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा पिछले कई वर्षों से लगातार संस्था हितों एवं मूल उद्देश्य के विरुद्ध कार्य किया जा रहा है। संस्था के मंत्री पृथ्वी सिंह रावत अन्य अधिकारियों के द्वारा संस्था की कार्य प्रगति पर ध्यान न देकर केवल संस्था की जमीन को खुर्द-बुर्द करने से का प्रयास किया गया।

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लीज पर देने अथवा किराए पर देने के कार्य में लगे हुए हैं, जिस कारण से संस्था की खादी गतिविधियां मृत प्राय हो चुकी है। इस तथ्य से स्पष्ट होता है कि संस्था जहां वर्ष 1997 में 3.30 करोड़ का खादी का उत्पादन करती थी। तब लगभग 10,000 बुनकरों रोजगार उपलब्ध कराती थी। 2022 और 23 में मात्र लगभग 7 लाख का खादी उत्पादन ही कर पा रही है। इस समय ढाई सौ कारीगर को ही रोजगार मिल रहा है, जो गंभीर बात हैं।

इस तरह से गांधी आश्रम का खादी उत्पादन लगातार गिर रहा हैं, इस पर ध्यान नहीं देकर जमीन का खुर्द-बुर्द करने का काम किया जा रहा हैं। डिप्टी रजिस्ट्रार ने जो आदेश दिए हैं, उनमें कहा गया है कि जो लीज डीड की गई है उसे तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की सिफारिश की जाती है। डिप्टी रजिस्ट्रार के इन आदेश से गांधी आश्रम में हड़कंप मच गया हैं। क्योंकि कुछ मठाधीश बनकर गांधी आश्रम की जमीन के मालिक बन बैठे हैं।

ऐसे लोग माफियाओं को जमीन की लीज कर बड़ा घालमेल कर रहे थे। अब डिप्टी रजिस्ट्रार ने ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी सिफारिश की हैं। यही नहीं, विवादों से घिरे पदाधिकारियों को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित करने के भी आदेश दिये हैं। इस तरह से गांधी आश्रम में चल रहा विवाद अब खत्म होता नजर आ रहा हैं। क्योंकि लीज डीड भी खत्म करने के आदेश दिये गए हैं तथा चुनाव नहीं लड़ने के लिए कुछ लोगों को अयोग्य करार दिया गया हैं।

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