- उत्पीड़न रोकने के लिए बनाया गया है व्हाट्सअप ग्रुप, महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस को दिए है निर्देश
- पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में महिला आयोग की उपाध्यक्ष से सुनी समस्याए, तीन तलाक सहित कई मामले पहुंचे
जनवाणी संवाददाता |
बागपत: नगर के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में महिला उत्पीड़न का लेकर राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने समस्या सुनी। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में महिला उत्पीड़न के मामलों में कमी आयी है और उनकी सुरक्षा के लिए अहम कदम उठाए गए है।
लगातार पुलिस को भी अपराध रोकने के लिए निर्देश दिए जाते है, ताकि महिलाओं का उत्पीड़न न हो सकें। साथ ही महिला दरोगा व विभागीय अधिकारियों को ठीक से कागज चेक नहीं करने पर फटकार लगायी।
उन्होंने बीस से अधिक महिलाओें की समस्या को सुना और उनका निस्तारण करने के लिए संबंधित अधिकारी को सौंपकर निस्तारण के निर्देश दिए। उनके सामने तीन तलाक, दहेज उत्पीड़न, खेकड़ा पुलिस द्वारा अत्याचार करने, बेटों द्वारा मकान पर कब्जा करने सहित आदि मामले पहुंचे।
महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में महिला उत्पीड़न के मामलों में कमी आई है।
कोरोना काल में 50 से 70 फीसदी मामलों का काउंसलिंग के माध्यम से कराया गया है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान महिला उत्पीडन जैसे घरेलू हिंसा, छेडछाड, तलाक संबधी शिकायतों का सर्वे कराया जा रहा है।
लॉकडाउन में प्रदेश में महिला उत्पीड़न के मामलों में कमी आई तथा अधिकांश मामलों का काउंसिंग के माध्यम से समाधान कराया गया है। फिलहाल कोरोना काल के केसो की समीक्षा की जा रही है।
लॉकडाउन में लोगों के डिप्रेशन में चले जाने की सूचनाएं मिल रही है। लोगों को डिप्रेशन से बाहर निकालने के लिए महिला थानों पर काउंसलरों की नियुक्ति कराई जाएगी।
उन्होंने महिला उत्पीडन को रोकने के लिए कठोर एवं त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कहा कि प्रदेश में तीन तलाक के मामलों में भी कमी आई है। महिला उत्पीडन की घटनाओं में त्वरित समाधान कराने के लिए व्हाटसअप ग्रुप बनाया जा रहा है और उसके माध्यम से उनकी समस्या को सुनकर निस्तारण किया जाता है। वहीं पुलिस अधिकारियों को भी निस्तारण के लिए आदेश जारी कर दिए है और किसी भी महिला का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा।
पति ने दिया तीन तलाक, कार्रवाई की गुहार
बड़ौत की एक महिला ने महिला आयोग की उपाध्यक्ष के सामने गुहार लगायी। कहा कि उसके पति ने तीन तलाक दे दिया है और पुलिस भी उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। वह लगातार थाने के चक्कर काट रही है, लेकिन न्याय नहीं मिल रहा है। जिसके बाद उपाध्यक्ष ने बड़ौत कोतवाली पुलिस को निस्तारण के आदेश दिए।
वहीं बड़ौत की एक महिला ने बेटों द्वारा मकान व दुकान पर कब्जा करने, एक महिला ने दहेज नहीं देने पर घर से निकालने, निवाडा की सलामती ने पुलिस पर अत्याचार करने, झूठा मुकमदा दर्ज करने, खेकड़ा की महिला ने पुलिस पर बेटे को पूछताछ के नाम पर उठाकर मुकदमा दर्ज कर अत्याचार करने, क्षेत्र की एक युवती ने लड़कों द्वारा परेशान करने व पुलिस पर कार्रवाई न करने सहित आदि आरोप लगाए है। जिसके बाद महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने इन सभी का निस्तारण करने के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए।
महिला दरोगा व विभागीय अधिकारियों को लगायी फटकार
राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने फरियाद लेकर आने वाली महिलाओं के कागजात सही से नहीं देखने पर महिला दरोगा व कई महिला कर्मचारी को फटकार लगायी कि उन्होंने अभी तक उनके कागज सही से क्यों नहीं देखे। इस तरह की लापरवाही आगे से न बरती जाए। जिसके बाद कर्मचारियों ने महिला पीड़ितों की शिकायत देखने के बाद ही अंदर जाने दिया।

