Tuesday, February 24, 2026
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बेगमपुल को राहत, बाकी की आफत

  • बेगमपुल का जाम आसपास के इलाकों में डायवर्ट
  • प्रतिबंधित क्षेत्र का बनाने वाले अफसर ही भूले बैठे हैं जिम्मेदारी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: ई-रिक्शाओं के कहर से बेगमपुल चौराहे को तो मुक्ति भले ही मिल गयी हो, लेकिन बेगमपुल से सटे बाकी इलाकों पर ई-रिक्शाओं का कहर टूट रहा है। दो दिन जब से बेगमपुल को नो आॅटो जोन घोषित किया गया है, तब से बेगमपुल से सटे तमाम इलाकों की हालत खराब हो गयी है। दिन की शुरुआत के साथ वहां जाम का कहर टूटने लगता है

और देर रात जब तक मार्केट बंद होता है, तब तक यह कहर जारी रहता है। हालत बद से बदतर हो गए हैं। तमाम इलाकों के लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि बेगमपुल को जाम से राहत के नाम पर बाकी यानि बेगमपुल से सटे इलाकों के लिए आफत मसलन मुसीबत खड़ी कर दी गयी है।

सोतीगंज और गंज बाजार

भैंसाली रोडवेज दिल्ली रोड से बेगमपुल की ओर से जाने वाले रास्ते पर रोड पर जहां डिवाइडर है, वहां बने कट यातायात पुलिस ने बंद कर दिए हैं। एक साइड से दूसरी साइड वाहन न जाए इस पर नजर रखने के लिए एसपी ट्रैफिक के आदेश पर वहां पुलिस वाले तैनात कर दिए गए हैं। इस नयी व्यवस्था से सोतीगंज और गंज बाजार के लिए मुसीबत खड़ी हो गयी है। नए इंतजामों की मुनासिब जानकानी न होने की वजह से तमाम ई-रिक्शा चालक व दूसरे वाहन सोतीगंज चौराहे तक जा रहे हैं,

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लेकिन दोनों साइडों से रोड को पार कर दूसरी ओर नहीं जा सकते। इसकी वजह रोड की दूसरी साइड जाने के लिए जिन कट का यूज किया जाता रहा है, उन्हें अब यातायात पुलिस ने बंद कर दिया है। वहां ट्रैफिक पुलिस का सिपाही मुस्तैदा कर दिया गया है। सिपाही को देखकर तमाम वाहन चालक खासतौर से ई-रिक्शा और आॅटो को यूटर्न लेना पड़ता है। इसकी वजह से सोतीगंज का गंज बाजार से सटा इलाका और थापर नगर से सटा इलाका दो दिन से जबरदस्त जाम का सामना कर रहा है।

पीएल शर्मा रोड और बेगमपुल

बच्चा पार्क से बेगमपुल की ओर जाने वाले रास्तों पर भी ऊपर जिस व्यवस्था का जिक्र किया गया है। उसी तर्ज पर पहरा बैठा दिया गया है। बच्चा पार्क से बेगमपुल की ओर जाने वाले वाहनों में सबसे ज्यादा तादात ई-रिक्शाओं की होती है। नए व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसा नहीं कि उस ओर अब ई-रिक्शाओं ने सवारी लेकर जाना बंद कर दिया है, सवारियां भी ले जा रहे हैं और ई-रिक्शाएं भी जा रही है, फर्क बस इतना हो गया है कि पहले बेगमपुल जाने के लिए सीधे बच्चापार्क से चले और बेगमपुल पहुंच गए।

अब बेगमपुल पहुंचने के लिए तमाम ई-रिक्शा चालक अपनी गाड़ियां वाया बेगमबाग और पीएल शर्मा रोड से होकर ले जा रहे हैं। पीएल शर्मा रोड व बेगमबाग दोनों ही शहर के बेहद तंग इलाके हैं। यहां रोड की चौड़ाई बहुत कम हैं। इसके अलावा रोड की दोनों साइडों में दुकानें हैं। दुकान होने वहां खरीदारी को आने वालों के वाहन भी खड़े होते हैं। ऐसे में यदि एकाएक बड़ी भारी संख्या में दिन भर ई-रिक्शाओं को रेला आता जाता रहेगा तो हालात कैसे बनेगे इसको भी समझना होगा।

सिर धुन रहे वाशिंदे

बेगमपुल चौराहे को जाम मुक्त कराने के नाम जो इंतजाम किए गए हैं उससे आयी मुसीबत के बाद थापर नगर, रविन्द्रपुरी, बेगमपुल न्यू मार्केट, पीएल शर्मा रोड, बेगमबाग, वीर बाला पथ, बोम्बे बाजार, काठ का पुल, सदर कबाड़ी बाजार व सदर दाल मंडी तथा वामन भगवान मंदिर के आसपास रहने वाले ट्रैफिक पुलिस ने राहत के नाम पर जो इंतजाम किए उनको लेकर अपना सिर धुन रहे हैं। उनका कहना है कि जो इंतजाम किए गए हैं। उनका साइड इफैक्ट पहले देख लेना चाहिए था। साइड इफैक्ट देखने के बाद ही कोई व्यवस्था लागू की जानी चाहिए थी। इसके अलावा दो दिन हुए हैं, अब इसका बाकी आसपास के लोगों पर क्या असर पड़ रहा है, इसकी भी जानकारी की जानी चाहिए।

सदर दाल मंडी बाजार में किराना की दुकान चलाने वाले अंकित गुप्ता मनू ने बताया कि नई व्यवस्था मुसीबत लेकर आयी है। इसकी वजह से दिन भर जाम लगा रहता है। भाजपा नेता नितिन बालाजी की सदर कलाल खाना में पूजा सामग्री की दुकान है। उनका कहना है कि इस इलाके में पहले ही रोड बेहद तंग है। नयी व्यवस्था के बाद मुसीबत बढ़ गयी है।
सदर कबाड़ी बाजार निवासी सामाजिक कार्यकर्ता जय गोपाल का कहना है कि बेगमपुल को जाम मुक्त करने के नाम पर पूरे सदर क्षेत्र को जाम युक्त कर दिया गया है। इस पर विचार हो।

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ई-रिक्शाओं के कहर से सिसक रहा सदर, बॉम्बे बाजार

अवैध ई-रिक्शाओं के चलते महानगर का सदर और बॉम्बे बाजार इलाका जाम से सिसक रहा है। यूं कहने को कैंट बोर्ड प्रशासन व पुलिस ने सदर मेन बाजार को नो आॅटो जोन इलाका घोषित किया हुआ है, लेकिन उसके बावजूद सदर मेन मार्केट और बोम्बे बाजार में ई-रिक्शा बेरोकटोक दौड़ रहे हैं। इनकी वजह से दिन भर जाम सरीखे हालात रहते हैं।
सदर के प्रतिबंधित इलाके में ई-रिक्शाओं की घुसपैठ के चलते कई बार तो बाजार से पैदल निकलना भी दुश्वार हो जाता है। ई-रिक्शाओं की वजह से बाजार में आयी इस मुसीबत की वजह जो ई-रिक्शा बाजार से होकर गुजरते हैं, उनको चलाने वालों में यातायात का सहूर नजर नहीं आता।

मसलन कहीं भी कभी भी बगैर दाएं-बाएं देखे ब्रेक मार देना। आगे निकलने के लिए हौरन का प्रयोग न करना। यदि दो ई-रिक्शा आमने सामने आ जाएं तो बजाए साइड से खुद बचकर निकलने के दूसरे से बचकर निकलने को कहना। सवारी के इंतजार के नाम पर बेहद भीड़ वाले इस बाजार में देर तक एक जगह पर रुके रहना। सवारी उतारने के दौरान बजाए दूसरे वाहनों की आवाजाही का ध्यान रखने के कहीं भी बे्रक लगाकर सवारी को उतार देना। ऐसी तमाम गलतियां जिनकी वजह से यह मुख्य बाजार दिन भर जाम की चपेट में रहता है।

तंग रोड पर पार्किंग

सदर मेन मार्केट की सड़क बेहद तंग हैं। उनको बढ़ाने की गुंजाइश भी बाकी नहीं। ऐसे में इन मेन बाजार में कुछ कारोबारियों ने सड़क पर ही पार्किंग बना डाली है। न कोई रोक है और न कोई टोक है। यह स्थिति तो तब है जब पार्किंग की वजह से दूसरे दो पहिया वाहनों को निकला दुश्वार हो जाता है। रही सही कसर वो दुकानदार पूरी कर देते हैं। जिनका कारोबार तभी चलता है जब वो दुकान का सामान रोड साइड बाहर सजा देते हैं। सदर की ज्यादातर दुकानों के बाहर सड़क पर मेज लगाकर सजाया गया दुकान का सामान देखा जा सकता है।

केवल सदर ही नहीं शिव चौक से लेकर हनुमान चौक तक और हनुमान चौक से काठ का पुल तक के रास्ते में भी तमाम दुकानों का सामान रोड पर नजर आता है। सबसे बुरा हाल तो पैलेस सिनेमा वाली इलेक्ट्रोनिक्स मार्केट के सामने होता है। वहां पार्किंग रोड पर की जाती है और ऐसे में जब ई-रिक्शाओं रेला आ जाता है तो रही सही कसर भी पूरी कर दी जाती है।

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