- हार्ड चैलेंज: 75 गांवों के महत्वपूर्ण स्थलों को इंस्टाग्राम पर दिखाने का संकल्प
- अब तक 26 गांवों में पहुंची, धार्मिक स्थल, चौपाल और बुजुर्गों के साथ रील्स बनार्इं
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर नए-नए अंदाज में कंटेंट परोस रहे हैं। बागपत के तुगाना गांव की बेटी पारुल चौधरी ने 75 दिन में जिले के 75 गांवों की खास चीजों को इंस्टाग्राम पर दिखाने का संकल्प लिया है। पारुल को इस सफर पर निकले 26 दिन हो चुके हैं। उनका कंटेंट खूब पसंद किया जा रहा है। इंस्टाग्राम पर उनके 1 लाख 39 हजार फॉलोवर्स हैं।
देसी मिट्टी, देसी खान-पान, देसी तौर-तरीके… देसी वर्कआउट के लिए प्रसिद्ध सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर अंकित बयानपुरिया ने हाल ही में 75 डे हार्ड चैलेंज पूरा किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने भी उन्हें बुलाकर बातचीत की थी। इसके बाद से सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर खासे उत्साहित हैं। बागपत के तुगाना गांव निवासी देवराज सिंह की बेटी पारुल इन दिनों सुर्खियों में हैं।

पारुल एमकॉम हैं और देहरादून में एक निजी कंपनी में एकाउंटेंट हैं। उनके पति अवनीश आर्य बिजनौर के कौशल्या गांव निवासी हैं और देहरादून में ही बैंक में जॉब करते हैं। करीब पांच साल पर पहले पारुल ने यूं ही इंस्टाग्राम पर अकाउंट बनाया। शुरू में उन्होंने स्लो मोशन वीडियो डाले और अब बागपत के गांवों पर रील्स डाल रही हैं। दो नवंबर तक इंस्टा पर वह 1340 पोस्ट डाल चुकी हैं।
अब तक ये गांव दिखाए
सरूरपुर, बामनौली, टीकरी,निरपुड़ा, ककड़ीपुर, जौहड़ी, बड़ौली, बागपत, दौघट, रटौल, ढिकौली, तिलवाड़ा, टटीरी, छपरौली, बदरखा, लधवाड़ी, पुसार, सराय, काठा, किरठल, मवींकलां, रमाला, लूम्ब, तुगाना, हेवा, बूढ़पुर।
यहां का हर गांव है खास
पारुल चौधरी इंस्टाग्राम पर हर गांव की खासियत को उभारती हैं। सरूरपुर के गुफा वाले मंदिर, रटौल के आम के बाग, अमीनगर सराय का घेवर, निरपुड़ा के खजूर के लड्डू उन्होंने इंस्टाग्राम पर दिखाए हैं। गांवों के बुजुर्गों से आशीर्वाद लेते हुए तस्वीरें भी डाली हैं।
रील्स पर मिलियंस में भी व्यूज
पारुल के पांच वीडियो पर मिलियंस में व्यूज हैं। दो वीडियो डालने पर औसतन दो तीन दिन में ही एक लाख के करीब व्यूज आ जाते हैं। वह अपने आई फोन से ही वीडियो बनाती हैं। इसमें उनके भाई आदित्य और पति अवनीश मदद करते हैं।
गांवों की ख्याति फैलाना ही मकसद
पारुल कहती हैं कि जब वह वीडियो बनाने के लिए सफर पर निकलती हैं तो उनकी सास घर संभालती हैं। ससुर विनय चौधरी और पति के सहयोग से ही ये संभव हो पाया है। उनका मकसद है कि बागपत के गांवों की ख्याति दुनिया भर में फैले।
वह कहती हैं कि दिल्ली से सटे बागपत का जिक्र आते ही आमतौर पर नकारात्मक बातें होती थीं। इसी से उनके मन में इस तरह की पहल करने का ख्याल आया। वह यू टयूब पर भी हैं। जल्द ही इंस्टा की तरह वह यू टयूब पर भी कंटेंट डालने की योजना बना रही हैं।

