Friday, March 13, 2026
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रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी से ठगे 28 लाख, 13 खातों में ट्रांसफर की रकम

  • ढाई घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर साइबर अपराधियों ने दिया था ठगी को अंजाम
  • साइबर क्राइम थाना पुलिस जुटा रही बैंक खातों की जानकारी, अलग-अलग राज्यों के सभी खाते

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: खुद को सीबीआई अफसर बताकर जेल भेजने की धमकी देते हुए रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी को डिजिटल अरेस्ट करके ठगे गए 28 लाख रुपये 13 बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। जिस बैंक खाते में पीड़ित ने रकम को आरटीजीएस के माध्यम से भेजा था, वह फरीदाबाद का है। इसी बैंक खाते में से 13 अन्य अकाउंट में थोड़ी-थोड़ी रकम को ट्रांसफर किया गया है। साइबर क्राइम थाना पुलिस इन सभी बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है।

कंकरखेड़ा स्थित ड्रीम सिटी कॉलोनी में रहने वाले रिटारयर्ड एयरफोर्स कर्मी सुरेश पाल श्योरान के फोन पर नौ अक्टूबर की सुबह कॉल आया था। फोन करने वाले ने अपना नाम महेंद्र सिंह बताते हुए खुद को यूनियर टेलीकॉम अफसर बताया था। उसने सुरेश पाल से कहा कि आपके आधार कार्ड पर दूसरा अवैध मोबाइल सिम लिया गया है, जिससे लोगों को अवैध विज्ञापन के लिए मैसेज और कॉल करके परेशान किया जाता है। आपके इस मोबाइल नंबर के खिलाफ दिल्ली में एफआईआर दर्ज है।

इसके लिए आपको दिल्ली पुलिस हेड क्वाटर में कनेक्टर कर रहा हूं। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई एफआईआर में बताया कि कुछ देर उनके मोबाइल पर वीडियो कॉल आई। जिसे रिसीव करने पर कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस हेड क्वाटर सीबीआई से आईपीएस सुनील गौतम बताते हुए दो घंटे 35 मिनट तक बात की। इन ढाई घंटों तक पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट किए रखा और बातों में लगाकर उनके सभी दस्तावेजों की जानकारी ले ली। इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग केस में शामिल होने की बात कहकर उन्हें जेल भेजने की धमकी दी गई।

पीड़ित ने बताया कि इस दौरान उन्हें फर्जी वारंट भी भेजे गए। केस को निपटाने के लिए उनसे 28 लाख रुपये की डिमांड की गई। पीड़ित ने बिना कुछ सोचे समझे अपने बैंक जाकर साइबर ठग द्वारा दिए गए अकाउंट नंबर में आरटीजीएस के माध्यम से भेज 28 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बताया कि जिस अकाउंट में 28 लाख रुपये डाले गए हैं, वह फरीदाबाद का बैंक खाता है। इसी बैंक खाते से अलग-अलग दिन 13 अन्य बैंक खातों में ठगी की रकम को ट्रांसफर किया गया है। सभी खाते बंधन बैंक में आॅनलाइन तरीके से खोले गए है। इन खातों की केवाईसी नहीं होती है।

इन राज्यों में स्थित है यह सभी बैंक खाते

साइबर क्राइम थाना पुलिस की मानें तो ठगी की रकम जिन बैंक खातों में हुई है, वह सभी अलग-अलग राज्यों और शहरों में स्थित बैंकों में खुले हुए है। उन्होंने बताया कि पीड़ित ने फरीदाबाद के एक बैंक में रुपये ट्रांसफर कराए थे।

जागरूकता की कमी से बढ़ रहे अपराध

लोगों में जागरुकता की कमी से इस तरह के अपराध बढ़ रहे हैं। साइबर अपराधी खुद को सीबीआई, क्राइम ब्रांच से बताकर लोगों को डराकर डिजिटल अरेस्ट करते हुए मोटी रकम ठग लेते है। इससे डरना नहीं चाहिए और डायल 112 या संबंधित थाने में फोन करके सूचना तत्काल देनी चाहिए। कभी भी वीडियो कॉल करके ऐसे कोई भी आईपीएस बात नहीं करते है। इस तरह की कॉल को रिसीव करने की बजाए शिकायत करें।

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