- अगले आठ साल ईवी के, बाजार में आएगा बूम, 49 प्रतिशत की दर से होगी वृद्धि
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: र्इंधन की लगातार बढ़ती कीमतें अब ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) बाजार को बूस्टर डोज देंगी। अगले आठ सालों में सड़कों पर र्इंधन वाले वाहनों का दबाव कम होगा और इलेक्ट्रिक वाहनों की भीड़ बढ़ेगी। यह हम नहीं बल्कि आईईएसए (इंडिया एनर्जी स्टोरेज एलायंस) की वो रिपोर्ट कह रही है जिसे हाल ही में जारी किया गया।

इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2030 तक ईवी बाजार 49 प्रतिशत की दर से बढ़ेगा। रिपोर्ट यह भी कहती है कि यह वृद्धि सालाना होगी। बताते चलें कि सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए ही फेम (द्वितीय) प्रोत्साहन योजना लागू की थी जिसे अब 2024 तक के लिए बढ़ा दिया गया है। आईईएसए ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि वर्ष 2030 तक भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार 49 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ेगा।
टू व्हीलर्स की बिक्री सबसे ज्यादा
कोरोनाकाल (2020) के बाद घरेलू बाजार में आई मंदी से इलेक्ट्रिक वाहन बाजार तेजी से उबरा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि घरेलू बाजार में जो 4 लाख 67 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री हुई है उनमें सबसे ज्यादा (लगभग आधा) टू व्हीलर सेगमेंट शामिल है। यानि कि लोगों ने इलेक्ट्रिक वाहनों में सबसे ज्यादा दो पहिया वाहन खरीदे हैं।
इन कारणों से बढ़ेगी ईवी की बिक्री
इंडिया एनर्जी स्टोरेज एलायंस की जो रिपोर्ट आई है उसमें वैसे तो र्इंधन की लगातार बढ़ती कीमतों को ईवी बाजार के बढ़ने का मुख्य कारण माना गया है लेकिन इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि नई कंपनियों के प्रवेश व इलेक्ट्रिक वाहन प्रोद्योगिकी में उन्नति के चलते भी लोगों की चाह ईवी बाजार में लगातार बढ़ रही है।
क्या कहती है आईईएसए की रिपोर्ट
इस रिपोर्ट के अनुसार भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में 2030 तक अच्छी खासी वृद्धि देखने को मिलेगी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आगामी 8 वर्षों में इसमें 49 प्रतिशत की वृद्धि संभव है। यानि कि 2030 तक इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 17 मिलियन यूनिट (वार्षिक) तक पहुंचने का अनुमान है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इन 17 मिलियन यूनिट में लगभग 1.5 करोड़ यूनिट टू व्हीलर की होंगी।

