- बैरिकेडिंग हटने से यातायात व्यवस्था होगी दुरुस्त
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर में आरआरटीएस कॉरिडोर के निर्माण के लिए परतापुर स्टेशन से रिठानी स्टेशन के बीच चल रहे निर्माण कार्य के लिए लगाए गए बैरिकेड हटाने की प्रक्रिया प्रारम्भ हो गयी है। ये बैरिकेडिंग हटाने का कार्य रिठानी स्टेशन की तरफ से शुरू किया गया है और अब तक लगभग 150 मीटर तक के बैरिकेडिंग हटा लिए गए हैं। इसमें रिठानी में गेल गैस स्टेशन के सामने दिल्ली रोड का 100 मीटर का मुख्य भाग भी शामिल है।
अगले 15 दिन के भीतर लगभग 300-400 मीटर की बैरिकेडिंग और हटा ली जाएगी और इस महीने के अंत तक लगभग एक किमी तक के क्षेत्र की बैरिकेडिंग पूरी तरह हट जाएगी। उल्लेखनीय है की परतापुर से रीठानी तक के लगभग सभी पिलर एनसीआरटीसी द्वारा निर्मित किए जा चुके है और वायाडक्ट के निर्माण का कार्य प्रगति पर है। बैरिकेडिंग हटाने से परतापुर से रिठानी के बीच लोगों को यात्रा के लिए मुख्य रोड का पूरा भाग उपलब्ध रहेगा और उनका सफर बेहतर हो पाएगा। आरआरटीएस कॉरिडोर के जहां जहां पिलर निर्मित होते जा रहे हैं। वहां-वहां से एनसीआरटीसी बैरिकेडिंग हटाती जा रही है।
एनसीआरटीसी ने प्रायोरिटी सेक्शन में भी कई स्थानो पर बैरीकेडिंग हटाने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है। एनसीआरटीसी यातायात और यात्रियों की सुविधा के प्रति बहुत संवेदनशील है और इसलिए आरआरटीएस कॉरिडोर का सारा निर्माण कार्य बैरिकेडिंग जोन में ही किया जाता है। यातायात सुचारु रूप से चले इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाती हैं। स्थानीय सरकारी एजेंसीस के सहयोग से जगह जगह पर यू-टर्न दिये गए हैं, इसके अलावा जिम्मेदारी के साथ पर्याप्त संख्या में ट्रेफिक मार्शल भी नियुक्त किए गए हैं।
इन सभी व्यवस्थाओं में निरंतर जरूरत के अनुसार बदलाव भी होते रहते हैं ताकि किसी भी प्रकार की समस्या को रोका जा सके। एनसीआरटीसी निर्माण कार्य जोन में सुरक्षा के प्रति भी बहुत सजग है और न सिर्फ निर्माण स्थल पर कर्मियों की बल्कि उसके आसपास से गुजरने वाले यात्रियों की सुरक्षा के लिए यथोचित उपाय सुनिश्चित कर रही है। निर्माण स्थल पर कार्यरत मशीनों और विशाल कार्यों के बावजूद सुरक्षा और सरंक्षा की समुचित व्ययस्था से सारा कार्य तेजी से किया जा रहा है।

