जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पूर्व भारतीय क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा सोमवार को दिल्ली स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) मुख्यालय में पूछताछ के लिए पेश हुए। उनसे एक कथित अवैध ऑनलाइन बेटिंग एप 1xBet से जुड़े धन शोधन (Money Laundering) मामले में सवाल-जवाब किए गए। एजेंसी यह जानना चाहती है कि उथप्पा का इस एप के प्रमोशन या साझेदारी में क्या कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रोल रहा।
क्या है मामला?
ईडी ने 1xBet नामक ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म से जुड़ी कथित अवैध गतिविधियों की जांच शुरू की है।
यह एप भारत में गैरकानूनी रूप से सट्टेबाजी को बढ़ावा दे रहा था, ऐसा आरोप है।
एजेंसी यह पता लगा रही है कि क्या क्रिकेटरों और फिल्मी हस्तियों ने इस एप के प्रचार के बदले भुगतान स्वीकार किया और क्या उन्हें एप की अवैध प्रकृति की जानकारी थी?
उथप्पा से क्यों हो रही है पूछताछ?
ईडी ने उथप्पा को सुबह 11 बजे पूछताछ के लिए बुलाया।
उनसे PMLA (Prevention of Money Laundering Act) के तहत बयान दर्ज किया जा रहा है।
ईडी जानना चाहती है?
क्या उन्होंने 1xBet के लिए किसी प्रचार सामग्री या विज्ञापन में हिस्सा लिया?
भुगतान किस माध्यम से हुआ – हवाला, बैंक ट्रांसफर या विदेशी चैनल?
क्या उन्हें पता था कि भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी अवैध है?
कौन-कौन जांच के घेरे में?
सुरेश रैना और शिखर धवन से पहले ही इसी मामले में पूछताछ हो चुकी है।
युवराज सिंह को मंगलवार को ईडी के सामने पेश होने का नोटिस भेजा गया है।
कई डिजिटल प्लेटफॉर्म और कंपनियां जो इस एप से जुड़ी थीं, भी जांच के दायरे में हैं।
ईडी किन बिंदुओं की जांच कर रही है?
क्रिकेटरों को एंडोर्समेंट के लिए किसने संपर्क किया?
संपर्क का मोड – ईमेल, कॉल, एजेंट आदि क्या था?
भुगतान कहां और कैसे हुआ – भारत में या विदेश में?
क्या उनके पास कोई कॉन्ट्रैक्ट या लिखित समझौता है?
प्रमोशन के बदले में मिली रकम का इस्तेमाल कहां किया गया?
जानें 1xBet क्या है?
1xBet एक इंटरनेशनल बेटिंग कंपनी है जो पिछले 18 वर्षों से एक्टिव है।
वेबसाइट और एप पर ग्राहक 70 भाषाओं में हजारों खेलों पर सट्टा लगा सकते हैं।
भारत में इसका प्रचार कई फिल्मी सितारे और क्रिकेटर करते पाए गए हैं।
ईडी का आरोप है कि इस तरह की एप्स ने लाखों लोगों को धोखा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की है।
धन शोधन का एंगल क्या है?
ईडी यह जांच रही है कि क्या इन हस्तियों को जो पैसा मिला वह अवैध स्रोतों से आया था?
अगर ऐसा साबित होता है, तो यह PMLA के तहत आपराधिक मामला बन सकता है।
सरकार ने हाल ही में रियल मनी गेमिंग पर कड़ा रुख अपनाया है।
बढ़ता ऑनलाइन सट्टेबाजी बाजार
भारत में 22 करोड़ यूज़र्स ऑनलाइन बेटिंग एप्स का उपयोग कर चुके हैं।
इसमें से 11 करोड़ लोग नियमित यूज़र हैं।
बाजार का अनुमानित आकार: $100 अरब से अधिक
2022 से 2025 के बीच सरकार ने 1,524 प्लेटफॉर्म ब्लॉक किए।
बता दें कि, ईडी की जांच अब केवल कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि अब यह उन सेलेब्रिटीज तक पहुंच चुकी है, जो इन अवैध प्लेटफॉर्म्स को प्रमोट करते रहे हैं।रॉबिन उथप्पा से पूछताछ के बाद अब सबकी नजर युवराज सिंह की पेशी पर टिकी है।यह मामला सिर्फ कानून की नजर में ही नहीं, बल्कि सेलेब्रिटी ब्रांड एंडोर्समेंट की नैतिकता पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

