जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली:राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर वैचारिक संघर्ष और नेतृत्व की कार्यशैली को लेकर चल रही अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ गई है। खुद को सच्चा लालूवादी बताने वालीं पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने मौजूदा नेतृत्व और उसके करीबी घेरे पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि लालू प्रसाद यादव की सामाजिक न्याय की विरासत को साजिशकर्ताओं के हवाले कर दिया गया है, जो विरोधी खेमे के इशारे पर पार्टी को अंदर से कमजोर कर रहे हैं।पटना में आज होने वाली RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से ठीक पहले रोहिणी के इस बयान ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है।

‘असली लालूवादी बनाम घुसपैठिए’
सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने लंबे बयान में रोहिणी आचार्य ने कहा कि जो भी व्यक्ति हाशिए पर खड़े समाज और वंचितों के लिए निस्वार्थ भाव से संघर्ष करता रहा है, वह पार्टी की मौजूदा हालत देखकर चुप नहीं रह सकता।
उन्होंने दावा किया कि आज पार्टी की कमान ऐसे लोगों के हाथ में है, जिन्हें लालूवाद को खत्म करने के “टास्क” के साथ भेजा गया है। रोहिणी के अनुसार, ये लोग फासीवादी ताकतों के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं और अपने मकसद में काफी हद तक सफल भी होते दिख रहे हैं।
सोशल मीडिया पर रोहिणी का तीखा संदेश
रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में लिखा कि जो भी सच्चा लालूवादी होगा, जिसे लालू प्रसाद यादव के सामाजिक-आर्थिक न्याय के संघर्ष पर गर्व होगा, वह पार्टी की मौजूदा बदहाली के लिए जिम्मेदार लोगों से सवाल जरूर करेगा—चाहे उसका अंजाम कुछ भी हो।
उन्होंने मौजूदा नेतृत्व पर आरोप लगाया कि वह सवालों से भागता है, जवाब देने के बजाय भ्रम फैलाता है और लालूवाद व पार्टी हित की बात करने वालों के साथ दुर्व्यवहार व अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करता है। रोहिणी ने यह भी कहा कि यदि नेतृत्व सवालों पर चुप्पी साधता है, तो उसे साजिश करने वाले गिरोह के साथ मिलीभगत का दोष अपने आप झेलना होगा।
कार्यकारिणी बैठक से पहले बढ़ा सियासी तनाव
रोहिणी आचार्य के इस बयान को RJD के भीतर गहराते असंतोष के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से ठीक पहले आए इस हमले ने पार्टी नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और यह साफ कर दिया है कि लालू परिवार और पार्टी के अंदर वैचारिक टकराव अब दबा नहीं रहा।अब सबकी नजर इस बात पर है कि RJD नेतृत्व रोहिणी आचार्य के इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देता है या फिर चुप्पी साधे रहता है।

