- निर्माण विभाग की लापरवाही से गिरी थी नाले की नवनिर्मित्त दीवार
- 24 घंटे बीतने के बाद भी निगम अधिकारियों ने नहीं किया निरीक्षण
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जब निर्माण में अधिकारियों की खुद की सांठगांठ होगी तभी ठेकेदार खुलकर बेईमानी करेगा। कुछ ऐसा ही नजारा घोटाले के नाले का खुला तो नाले की दीवार बनने के कुछ ही घंटों बाद खुद-ब-खुद गिर गई। निर्माण विभाग के अधिकारियों की सांठगांठ इसलिए प्रतीत हो रही है कि 24 घंटे बीतने के बाद भी नगर निगम के निर्माण विभाग की न तो कोई टीम और न ही अधिकारी मौका मुआयना करने पहुंचे। उधर कांग्रेस ने इस मामले में जेई तथा मेट के निलंबित न होने तक चुप न बैठने का अल्टीमेटम दिया है।
मालूम हो कि एल ब्लॉक तिराहे के पास अर्जुन हॉस्पिटल के पास मुख्य सड़क पर नाले का निर्माण चल रहा है। यहां आरसीसी के नाले का निर्माण कराया जा रहा है। इस निर्माण का कार्य नगर निगम से एटीएस तोमर नामक ठेकेदार कंपनी के पास है। बताया जाता है कि निर्माण करने वाले ठेकेदार ने एक बड़ा कारनामा यह अंजाम दे रखा है कि चार फिट गहरे आरसीसी के इस नाले की दो फिट नीचे की दीवार तो दो इंच गहरी बनाई जा रही है। जबकि ऊपर का हिस्सा दिखेगा तो दो फिट की दीवार चार इंच चौड़ी रखी जा रही है। दो दिन पूर्व ठेकेदार ने नाले की दीवार का निर्माण करा दिया। गत रात्रि में ही किसी समय यह आरसीसी की दीवार गिर गई।
सुबह जब मजदूर आगे के नाले की दीवार बनाने के लिए पहुंचे तो उन्हें यह दीवार गिरी दिखी। उन्होंने तुरंत ठेकेदार को फोन किया। तब तक शहर के निर्माण पर नजर रखे हुए शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जाहिद अंसारी को भी खबर मिली। वह अपने कई साथियों को साथ लेकर मौके पर पहुंचे तथा हंगामा शुरू कर दिया। इस मामले में नगर निगम के निर्माण विभाग के अधिकारियों ने नाले की दीवार गिरने के 24 घंटे बीतने के बाद भी मौके पर पहुंचने की जहमत नहीं उठाई है। इससे खुद ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकारियों की नीचे से लेकर उपर तक की सेटिंग है। तभी तो ठेकेदार की बताई दलील पर निगम का निर्माण विभाग चुप्पी साधकर बैठ गया है। लेकिन कांग्रेस ने इस मामले में दोषियों पर कार्रवाई न होने तक चुप न बैठने का फैसला लिया है।
शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जाहिद अंसारी का कहना है कि उन्होंने खुद नगर निगम के चीफ इंजीनियर को फोन किया। लेकिन चीफ इंजीनियर ठेकेदार का खुलकर बचाव कर रहे हैं। मौके पर खुद नजर आ रहा है कि नीचे दो इंच की तथा ऊपर चार इंच की दीवार बन रही है। दो-दो फिट की जगह आठ-आठ फीट की दूरी पर सरिया बांधा जा रहा है। चार इंच की जगह दो इंच का सरिया लगाया जा रहा है। आरसीसी के नाले में सिर्फ रोडी, डस्ट और सीमेंट का ही प्रयोग करने के स्थान पर सीमेंट और रेत का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे नाला बनने के बाद तो गिरेगा ही, साथ ही आसपास की दुकानें व मकान गिरने का अलग से खतरा उत्पन्न हो रहा है। घोटाले के नाले में जब तक क्षेत्र के जेई तथा मेट को निलंबित नहीं किया जायेगा। तब तक वह चुप नहीं बैठेंगे।
दुकान बचाने के लिए ठेकेदार ने टेढ़ा कर दिया नाला, नागरिकों का हंगामा
ऐसे ही एक दूसरे मामले में शाहपीर गेट पर हाशिमपुरा के पास भी नाले का निर्माण चल रहा है। बगीचा तकी मौहम्मद हुसैन में ठेकेदार ने निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग तो कर रहा है। कुछ दबंग व्यक्तियों द्वारा निगम कर्मचारियों से सांठगांठ करके पांच लाख रुपये दे दिये गये। इसमें ठेकेदार ने दुकान बचाने के लिए नाले को सीधा बनाने की जगह उसको टेढ़ा करके एल शेप में कर दिया। इससे यहां गंदे पानी की सीधे निकासी नहीं होगी तथा रोज नाला चॉक होता रहेगा। पहले तो क्षेत्रवासियों ने ठेकेदार से नाला सीधा बनाने को कहा,
लेकिन ठेकेदार ने नागरिकों की बात अनसुनी कर दी तो गुुरुवार को क्षेत्रवासियों ने निर्माण कार्य रूकवाकर हंगामा व नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामा होते देख निर्माण कर रहे मजदूर व ठेकेदार मौके से भाग गये। कई घंटे तक यहां कोई भी नहीं पहुंचा। नागरिकों ने साफ चेतावनी दी कि नाले का नियमानुसार सीधा निर्माण नहीं किया जायेगा, तब तक वह निर्माण नहीं होने देंगे। प्रदर्शन करने वालो में साजिद, दानिश, लियाकत अली, सनी, आरिफ, मोहम्मद अहमद, ग्यासुद्दीन, रईसुद्दीन, सगीर, मुन्ना, शाहिद, नवाब, जावेद आदि मौजूद रहे।

