जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राजधानी में आयोजित सेमीकॉन इंडिया 2025 कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के भविष्य को लेकर देश की महत्वाकांक्षाएं और वैश्विक भूमिका पर जोर दिया। इस वैश्विक आयोजन में 40 से अधिक देशों के विशेषज्ञ और प्रतिनिधि शामिल हुए।
#WATCH | At Semicon India 2025, Prime Minister Narendra Modi begins his speech with a light-hearted comment.
— ANI (@ANI) September 2, 2025
PM Modi says. "Last night, I returned to India after concluding my visits to Japan and China. Are you all clapping because I went there or because I returned?"
(Video:… pic.twitter.com/pZGzZgCfIS
भाषण की शुरुआत में पीएम मोदी की चुटकी पर हंसी से गूंजा सभागार
प्रधानमंत्री ने जैसे ही मंच से अपना भाषण शुरू किया, उन्होंने कहा, “कल रात ही मैं जापान और चीन की यात्रा से वापस लौटा हूं।” इस पर सभागार तालियों से गूंज उठा।
इसके बाद मोदी ने मुस्कराते हुए चुटकी ली , कहा “गया था, इसलिए तालियां बजा रहे हैं या वापस लौटा हूं, इसलिए?” उनकी इस टिप्पणी पर पूरा हॉल ठहाकों से भर गया और माहौल हल्का-फुल्का हो गया।
“अब तेल नहीं, चिप्स हैं 21वीं सदी के हीरे”
प्रधानमंत्री मोदी ने सेमीकंडक्टर के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा “20वीं सदी में तेल काला सोना था, लेकिन 21वीं सदी में सेमीकंडक्टर चिप्स डिजिटल हीरे हैं।”
उन्होंने कहा कि अब दुनिया की दिशा और दशा इन सूक्ष्म चिप्स से तय होती है। “भले ही चिप्स छोटे हों, लेकिन दुनिया की प्रगति को बड़ी गति देने की ताकत इन्हीं में है।”
भारत बना सेमीकंडक्टर के भविष्य का भरोसेमंद भागीदार
पीएम मोदी ने कहा कि इस कार्यक्रम में दुनिया भर के सेमीकंडक्टर विशेषज्ञ, निवेशक और भारत की युवा शक्ति एक मंच पर दिख रहे हैं। “यह संयोजन बताता है कि दुनिया भारत पर विश्वास कर रही है और भारत के साथ मिलकर भविष्य की तकनीक गढ़ने को तैयार है।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, और सेमीकंडक्टर उद्योग इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अर्थव्यवस्था में मजबूती और उम्मीद से बेहतर ग्रोथ
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने अप्रैल-जून तिमाही में 7.8% की दमदार ग्रोथ दर्ज की है। इससे भारत की आर्थिक शक्ति और स्थिरता का संदेश वैश्विक मंच पर गया है।

