जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार 2025 के अंत में उम्मीदों के विपरीत कुछ कमजोर संकेत दिखा रहा है। मंगलवार को शुरुआती कारोबारी सत्र में दलाल स्ट्रीट पर बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिसके चलते प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों, सेंसेक्स और निफ्टी में सुस्ती रही। इस गिरावट का मुख्य कारण साल के अंत में ट्रेडिंग वॉल्यूम का कम होना और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा लगातार निकासी को माना जा रहा है।
शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 209.32 अंक गिरकर 84,486.22 पर पहुंच गया, वहीं 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 63.25 अंक गिरकर 25,878.85 पर आ गया। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार, डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि हालांकि साल के अंत का रुझान कमजोर है, लेकिन इससे बाजार की दिशा में किसी बड़े बदलाव का संकेत नहीं मिलता है।
विदेशी पूंजी की निकासी से बाजार पर दबाव
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार निकासी और वैश्विक शेयर बाजारों में सुस्त रुझान के कारण भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट आई।
सेंसेक्स में बड़ी गिरावट, लेकिन कुछ कंपनियों ने किया लाभ
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से इटरनल, इंटरग्लोब एविएशन, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और कोटक महिंद्रा बैंक सबसे बड़ी गिरावट दिखाने वाली कंपनियों में शामिल थीं। वहीं, भारती एयरटेल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अदानी पोर्ट्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियां लाभ कमाने में सफल रही।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में मिश्रित रुझान देखने को मिला। हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक सकारात्मक दायरे में कारोबार कर रहा था, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 और शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक नीचे कारोबार कर रहे थे। सोमवार को अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए।
विदेशी और घरेलू निवेशकों की गतिविधि
एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 2,759.89 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 2,643.85 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.03 प्रतिशत बढ़कर 61.96 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया। सोमवार को सेंसेक्स 345.91 अंक या 0.41 प्रतिशत गिरकर 84,695.54 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 100.20 अंक या 0.38 प्रतिशत गिरकर 25,942.10 पर आ गया।
इस समय विदेशी पूंजी की निकासी और वैश्विक बाजारों का सुस्त रुझान भारतीय बाजार पर दबाव डाल रहा है, लेकिन घरेलू निवेशकों के द्वारा की जा रही खरीदारी से कुछ राहत मिल रही है।

