जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार की तबीयत बिगड़ गई है, जिसके बाद उन्हें पुणे के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 28 जनवरी को उनके भतीजे अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत के बाद से शरद पवार बारामती में ही थे। अजित पवार के अंतिम संस्कार और पारिवारिक बैठकों में सक्रिय रहने के बावजूद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी, जिससे उन्हें पुणे लाया गया।
सूत्रों के अनुसार, 83 साल के शरद पवार की तबीयत कई दिनों से ठीक नहीं थी। डॉक्टरों ने उन्हें पुणे में इलाज कराने की सलाह दी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हेल्थ चेकअप के बाद भर्ती का निर्णय
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार सुबह बारामती स्थित गोविंदबाग में शरद पवार की तबीयत की जांच की गई। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें पुणे में भर्ती होने की सलाह दी। इसके बाद शरद पवार दोपहर में पुणे के लिए रवाना हुए। एहतियात के तौर पर उनके साथ कार्डियक सुविधाओं से लैस एक एम्बुलेंस भी थी। परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, शरद पवार को लगातार खांसी और बलगम की समस्या हो रही थी, जिससे उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही थी। वे सुरक्षा मास्क पहनकर एक अलग गाड़ी में यात्रा कर रहे थे, और मेडिकल सपोर्ट स्टैंडबाय पर था।
दिल्ली न पहुंचने का कारण
28 जनवरी को अजित पवार की दुखद मौत के बाद शरद पवार बारामती में ही रहे। इस घटना के बाद कई प्रमुख हस्तियां बारामती पहुंची थीं और पवार ने सभी से मुलाकात की थी। हालांकि, वह संसद के बजट सत्र में शामिल होने के लिए दिल्ली नहीं पहुंचे। उनकी बेटी सुप्रिया सुले ही बारामती से दिल्ली रवाना हुई थीं। शरद पवार ने अजित पवार के स्मारक पर एक महत्वपूर्ण बैठक भी की थी, जिसमें आगामी निर्णयों पर चर्चा की गई।

