Sunday, March 15, 2026
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शिवरात्रि आज, कांवड़ियों का जल आज रात 8:30 बजे से

  • आम श्रद्धालु त्रियोदशी लगते ही शुरू कर देंगे भगवान आशुतोष का जलाभिषेक
  • शनिवार रात 8 बजकर 32 मिनट से शुरू हो रहा है शिवरात्रि का विशेष पुण्यकला
  • पूरी रात खुला औघड़नाथ मंदिर, कांवड़ियों ने चढ़ाया हाजिरी का जल

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: शिवरात्रि पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए मंदिर में शिवभक्तों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए मंदिरों में तैयारी पूरी कर ली गई है। बाबा औघड़नाथ शिव मंदिर समिति ने मंदिर में तैयारी पूरी कर ली है।
मंदिर समिति अध्यक्ष सतीश सिंघल ने बताया कि 15 जुलाई को मंदिर में सुबह की आरती के बाद जलाभिषेक शुरू हो जाएगा।

शुक्रवार रात्रि को मंदिर पूरी रात खुला रहा। देर शाम कांवड़ियों ने भी मंदिर में आना शुरु कर दिया था और हाजिरी का जल शाम से चढ़ने लगा। मंदिर में प्रसाद का स्टाल, जूते चप्पल स्टैंड के साथ ही मंदिर के बाहर खोया पाया केंद्र और प्रशासनिक कैंप तैयार कर लिया गया है।

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इसी के साथ ही मंदिर में शिव भक्तों के जलाभिषेक के लिए मंदिर के बाहर बैरिकेडिंग करा दी गई है। मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए लोटों की व्यवस्था की गई है। मंदिर में आने वाले शिवभक्त और स्थानीय लोगों को मंदिर के गरुड़ द्वार से प्रवेश दिया जाएगा और नंदी द्वार से बाहर निकाले जाएगे। मंदिर समिति के सदस्य मंदिर में पूरे दिन मौजूद रहेंगे।

इस प्रकार रहेगी व्यवस्था

14 जुलाई को मंदिर में पूरी रात जलाभिषेक हुआ और 15 की रात्रि 8 बजकर 32 मिनट से कांवड़िया जलाभिषेक शुरु करेंगे। शुक्रवार शाम से ही मंदिर में कांवड़ियों ने पहुंचना शुरु कर दिया था और औघड़नाथ मंदिर हर-हर महादेव और बोल बम, बम-बम के जयकारों से गूंज उठा। सुबह 4 बजे आरती के बाद जलाभिषेक शुरु हो जाएगा। सुबह की आरती के बाद शाम 7 बजे मंदिर में आरती होगी।

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उसके बाद रात को 11 बजे व मध्य रात्रि में 1 बजे आरती की जाएगी। दिन में ढ़ाई बजे के करीब आधा घंटे के लिए मंदिर के कपाट बंद रहेंगे, जिसमें बाबा की पोशाक बदली जाएगी। जलाभिषेक के लिए भक्तों को नंदी द्वार से प्रवेश मिलेगा और गरुड़ द्वार से निकासी की जाएगी।

शिवरात्रि पर बन रहा अद्भूत योग

सावन मास की शिवरात्रि का विशेष महत्व है। इस बार सावन शिवरात्रि पर बहुत ही शुभ संयोग बन रहा है। इसलिए इस दिन व्रत करने का अच्छा फल मिलेगा। इसबार 14 तारीख को 7 बजकर 18 मिनट से त्रयोदशी तिथि का आरंभ होगा और 15 तारीख को रात को 8 बजकर 33 मिनट तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी तिथि आरंभ होगी।

शिवरात्रि का अभिषेक करना चाहते हैं तो निशीथ काल में करना शुभ रहेगा। रात में 12 बजकर 7 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। इस बार सावन शिवरात्रि का व्रत 15 जुलाई को किया जाएगा। इस दिन बहुत हो शुभ वृद्ध योग और त्रयोदशी तिथि भी हैं। ऐसे में इस बार की शिवरात्रि और भी उत्तम और शुभ रहने वाली है।

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