जनवाणी ब्यूरो |
बागपत: मेरठ-बागपत हाईवे पर इन दिनों सफर करने में डर लगने लगा है। क्योंकि, पुलिस कुम्भकर्णी नींद में है और बदमाशों का राज है। खासतौर पर सिंघावली अहीर थाना असुरक्षा का क्षेत्र बन चुका है। हाईवे पर जहां सोनीपत निवासी युवक का शव मिला है वहीं लुटेरे ने कुछ दिन पहले एक कॉलेज के प्रबंधक के साथ लूटपाट का प्रयास किया था। उनकी गाड़ी को बदमाशों ने रुकवाया था और हमला बोला था।
प्रबंधक ने गाड़ी की खिड़की नहीं खोली थी जिसके बाद बदमाशों ने उनकी गाड़ी तोड़ दी थी। वह किसी तरह जान बचाकर निकल गए थे। पुलिस को इसकी सूचना भी दी गयी थी, लेकिन पुलिस ने मामले को हल्के में ले लिया था। उसके अगले ही दिन दिल्ली पुलिस के सिपाही की लूट का विरोध करने पर हत्या कर दी गयी थी। सिंघावली अहीर ने यहां भी अपनी गर्दन बचाने के लिए लूट में मुकदमा दर्ज नहीं किया था।
मृतक के परिजनों के हंगामे के बाद लूट का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने इसमे खुलासा तो किया था, लेकिन वह भी सवालों के घेरे में आ गया था। जिन्हें हत्या के आरोप में जेल भेजा है उनके परिजनों ने इस खुलासे को फर्जी करने का आरोप लगाया है। बकायदा अधिकारियों को सीसीटीवी भी सुबूत के तौर पर दी है।
जिसकी जांच की जा रही है। अब सोनीपत के युवक का शव भी हाईवे पर मिलना जताता है कि यहां बदमाशों में पुलिस का ख़ौफ़ नहीं है। सवाल यह है कि सिंघावली अहीर क्षेत्र में बढ़ते अपराध के बाद भी थाना पुलिस पर कार्यवाही क्यो नहीं की जा रही है? पिछले दिनों कई थानाध्यक्ष बदले, लेकिन सिंघावली अहीर थानाध्यक्ष अपनी कुर्सी बचा गए थे। अब देखना यह है कि सिंघावली अहीर थाने के क्षेत्र को अपराध से राहत दिलाने के लिए कप्तान कदम उठाते है या नहीं?

