- बड़ौत में देश खाप चौधरी सुरेंद्र सिंह के आवास पर आए हुए थे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता
जनवाणी संवाददाता |
बड़ौत: भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्र सरकार तीन कृषि अध्यादेश लाई हैं इन अध्यादेशों को कानून बनाने की तैयारी की जा रही है। कानून बनते ही देश का किसान बर्बाद हो जाएगा। मंडियां समाप्त हो जायेंगी। किसानों से जो मर्जी होगा पूंजीपति उसी मर्जी से फसलों को खरीदेंगे।
किसानों को कोई रास्ता नहीं मिलेगा। कांटेक्ट फार्मिंग से हरियाणा व पंजाब के किसान एक बार पहले बर्बाद हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन अध्यादेशों को वापस नहीं लिया तो किसान यूनियन सिसौली में होने वाली पंचायत में ठोस निर्णय लेकर अगला कदम बढ़ाएगी।
जनप्रतिनिधियों द्वारा संसद में किसी अध्यादेश का विरोध न करने की बात पर राकेश टिकैत ने बताया कि उनके लिए पार्टी पहले हैं। उनका वोटर बाद में है। जनता ऐसे लोगों को सबक जरूर सिखाएगी। किसानों की वोट से अधिकांश जनप्रतिनिधि संसद में पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि गन्ने का भुगतान करने में सरकारे नाकाम हो चुकी हैं।
जब एमएसपी लागू होने पर ही ऐसी स्थिति है तो उसके बाद क्या होगा१ इस सबसे किसानों के मन में भय का माहौल है। किसान यूनियन द्वारा हरियाणा पंजाब में आंदोलन चलाए जा रहे हैं। यूपी में भी चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान यूनियन चैन से बैठने वाली नहीं है।
जब तक देश का किसान एकजुट होकर इन कृषि आध्यादेशों के खिलाफ आवाज बुलंद नहीं करेगा। तब तक सरकार बैकफुट पर नहीं आएगी। उन्होंने सभी किसानों से एकजुट होने का आह्वान किया।
इस मौके पर सुरेन्द्र चौधरी चौरासी खाप, यशपाल थाम्बा, राजपाल सिंह, सुभाष सिंह, हरबीर सिंह, जयपाल मास्टर, तरसपाल, गौरव बड़ौत छात्र नेता, अमित लम्बा, कुलवीर राठी, विकास, रामकुमार आदि थे।

