- भैंसाली मैदान में चल रही श्रीराम कथा के पांचवें दिन चिन्मयानंद बापू ने पर्यावरण को हो रहे नुकसान पर जोर दिया
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: भैंसाली मैदान मेरठ की धरा पर चल रही श्रीराम कथा के पांचवें दिन में चिन्मयानंद बापू ने कहा कि भगवान राम ने विश्वामित्र ऋषि के साथ उनके यज्ञ की रक्षा करने गए और यज्ञ की रक्षा की। उन्होंने कहा कि प्राचीन समय में ऋषि महात्माओं ने जो यज्ञ की परंपरा शुरू की थी।
जिससे वातावरण शुद्ध रहता था और आज जो हम ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से जूझ रहे हैं उसका सबसे बड़ा कारण प्रदूषण और पर्यावरण को नष्ट करना है यदि हम ऋषि महात्माओं के बताए हुए आदर्शों पर चले और समय-समय पर यज्ञ आदि करते रहे तो पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा और हम प्रदूषण मुक्त भी रहेंगे

भगवान विश्वामित्र इसी के साथ जनकपुर की यात्रा पर गए जहां पर मार्ग में उन्होंने अहिल्या का उद्धार किया। अहिल्या ब्राह्मण की बेटी है और भगवान ने चरण धूली प्रदान करते हुए उसे मुक्त किया। भगवान ने हम सब को यह उपदेश दिया कि यदि गुरु आज्ञा व्यक्ति को प्राप्त हो जाए तो हमें किसी भी कार्य में संकोच नहीं करना चाहिए तुरंत उस कार्य को कर देना चाहिए।
मान सम्मान यश अपयश सब गुरुदेव के ऊपर छोड़ कर हमें गुरु आज्ञा का पालन करना चाहिए। बाद में जनकपुर पहुंचने पर राजा जनक के द्वारा भगवान का भव्य स्वागत और कथा के माध्यम से पुष्प वाटिका का प्रसंग सुनाकर बापू ने सभी को आनंदित कर दिया। बापूजी ने कहा की जनकपुर में जो वाटिका है वह योगी की वाटिका है और लंका नगरी में जो वाटिका है वह भोगी की वाटिका है।
इसीलिए जनकपुर की वाटिका में भक्ति रूपी सीता प्रसन्न है और लंका नगरी की वाटिका में भक्ति रूपी सीता दुखी है। जब-जब भक्ति भोगी के पास पहुंच जाती है वह दुखी हो जाती है और जब भक्ति का पदार्पण किसी योगी महापुरुष के पास होता है तो वहां पर भक्ति भी मुस्कुराने लगती है। धनुष भंग की कथा का रसपान कराते हुए बापूजी ने कहा की धनुष अहंकार स्वरूप था और जब तक जीव का अहंकार समाप्त नहीं होगा तब तक जीव की भक्ति प्रभु को समर्पित नहीं हो सकती।

यही कारण था कि इतने राजा महाराजा भी धनुष को हिला भी नहीं पाए और जब राजा जनक का अहंकार खत्म हुआ और प्रभु के सामने जब विनती की तो धनुष टूटा और सीता जी भगवान को समर्पित है। धूमधाम से भगवान की बारात कथा पांडाल में आई और कथा के माध्यम से भगवान का भव्य विवाह उत्सव संपन्न कराया गया। श्रोताओं की अपार भीड़ ने पूरे पंडाल को छोटा कर दिया और अपार उत्साह और अपार भीड़ के साथ कथा का आनंद लिया।
आयोजक मंडल में कथा अध्यक्ष डॉ. रामकुमार गुप्ता, मुख्य यजमान रवि माहेश्वरी मुख्य सयोजक ज्ञानेंद्र अग्रवाल, संयोजक हर्ष गोयल, महामंत्री अमित गर्ग मूर्ति, स्वागत अध्यक्ष सुनील अग्रवाल प्रचार मंत्री संजीव गुप्ता कोषाध्यक्ष अनिल मित्तल मीडिया प्रभारी अमित शर्मा।आरती कर्ता सूर्य प्रकाश टौंक क्षेत्रीय संघचालक महिला आयोग सदस्या राखी त्यागी,अनामिका अम्बर एस डी एस ग्लोबल चेयरमैन कृष्ण गुप्ता गुरु तेग बहादुर स्कूल प्रिंसिपल कर्मेन्द्र सिंह, डा. प्रदीप शुक्ला रहे।

