Monday, April 13, 2026
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मुख्यमंत्री के नाम छह सूत्री मांग-पत्र खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपा

जनवाणी संवाददाता |

बेहट: मान्यता प्राप्त विद्यालय महासंघ के पदाधिकारी कस्बे के एक स्कूल में एकत्रित होकर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर धरने पर बैठ गए। खंड शिक्षा अधिकारी त्रिवेंद्र कुमार को जैसे ही सूचना मिली वह मान्यता प्राप्त विद्यालय महासंघ के पदाधिकारियों के बीच पहुंचे। जहां उन्हें मुख्यमंत्री के नाम 6 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया।

मांग पत्र में कहा गया है कि पिछले 6 महीने से कोरोना महामारी के चलते सभी मान्यता प्राप्त स्कूल बंद हैं और अभिभावकों ने कोई फीस स्कूलों में जमा नहीं की है। इससे अध्यापकों और अन्य कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बद से बदतर हो गई है।

ज्ञापन में कहा गया है कि 85 प्रतिशत अभिभावकों के पास स्मार्टफोन नहीं है। इसलिए विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ने में भी परेशानी हो रही है जिससे शिक्षा पूरी तरह प्रभावित हो रही है।

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उन्होंने एक अक्टूबर से विद्यालय खोले जाने की मांग की है। मांग पत्र में कहा गया है कोरोना महामारी के कारण बंद पड़े सभी महाविद्यालय के संचालकों शिक्षकों एवं कर्मचारियों के वेतन देकर सरकार आर्थिक मदद दे। भवन परिवहन बिजली के बिल एवं शिक्षा हेतु अन्य मदों के लिए गये लोन की पिछली छह माह की किस्तों को माफ किया जाए।

मदरसा शिक्षकों एवं त्रिभाषा शिक्षकों का रुका हुआ वेतन अति शीघ्र दिया जाए। मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की भी सरकार द्वारा आर्थिक मदद की जाए। एक अक्टूबर से सरकारी सभी विद्यालयों को शिक्षा कार्य हेतु खोले जाने की अनुमति प्रदान करें अन्यथा सत्र को शून्य घोषित करके सभी विद्यालयों को आर्थिक पैकेज दें। मांग पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि हमारी मांगों को नहीं माना गया तो सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों के संचालक, प्रबंधक, प्रधानाचार्य, शिक्षक एवं कर्मचारी जिला मंडल एवं प्रदेश स्तर पर धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।

ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वालों में मान्यता प्राप्त विद्यालय संघ के ब्लॉक अध्यक्ष मास्टर जमील अहमद, मुबीन अख्तर, शाज़ेब, वारिस, नवेद अली, अमित भास्कर, फुरकान, सुहेल राव, रीटा गुप्ता आदि लोगों के हस्ताक्षर हैं।

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