- खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने से पहले छात्र छात्राओं को देना होगा प्रशिक्षण
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड ने शनिवार को माध्यमिक विद्यालयों के लिए स्पोर्ट्स कैलेंडर जारी कर दिया है। हर छात्र-छात्रा को खेलकूद से जोड़ने और स्कूल स्तर पर खेलकूद गतिविधियां बढ़ाने के लिए स्कूलों में नियुक्त प्रशिक्षकों या उनके अभाव में खेल में रुचि रखने वाले किसी अन्य विषय के शिक्षक को खेलकूद के प्रशिक्षण व प्रतियोगिताओं की जिम्मेदारी दी जाएगी। खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कराने से पहले छात्र छात्राओं का प्रशिक्षण होगा और उनका फिटनेस मूल्यांकन परीक्षण भी किया जाएगा।
बता दे कि यूपी बोर्ड में अब हर दिन स्कूलों में प्रार्थना सभा के बाद विद्यार्थियों व कार्यरत शिक्षकों को 20 मिनट शारीरिक प्रशिक्षण यानी पीटी कराया जाएगा। जिन विद्यालयों में व्यायाम शिक्षक तैनात हैं वहां अलग-अलग कक्षा के सभी छात्र छात्राओं को अलग-अलग पीरियड में खेलकूद व सभी गतिविधियों में अनिवार्य रूप से प्रतिभा कराया जाएगा। वहीं जहां व्यायाम शिक्षक तैनात नहीं है वहां नामित शिक्षक हर दिन पांचवें व सातवें पीरियड में खेलकूद व शारीरिक शिक्षा की गतिविधियों का आयोजन कराएंगे।
जिन स्कूलों के पास पर्याप्त खेल का मैदान या फिर उपकरण उपलब्ध न हो वहां अलग-अलग दिन अलग-अलग कक्षाओं के लिए गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। यूपी बोर्ड की ओर से खेलकूद प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए जिला, मंडल, प्रदेश स्तर की तिथियां जारी कर दी गई हैं। जिला स्तर की प्रतियोगिता 25 जुलाई को शुरू होगी। इस बार खेलकूद प्रतियोगिताओं में 24 खेलों को शामिल किया गया है।
कराटे को भी इस बार तीन वर्ष ट्रायल के रूप में शामिल कर लिया गया है। इसके अलावा सुब्रतो फुटबॉल, नेहरू हॉकी, तैराकी, डाइविंग एवं वाटर पोलो, ताइक्वांडो, बास्केटबॉल, फुटबॉल, खो-खो, बैडमिंटन, वॉलीबॉल, राइफल शूटिंग, क्रिकेट, कबड्डी, जिमनास्टिक, हैंडबॉल, बॉक्सिंग, जूडो, तीरंदाजी, कुश्ती, भारोत्तोलन और एथलेटिक्स के इवेंट होंगे।
इस प्रकार होगा प्रतियोगिताओं का आयोजन
- प्रदेश स्तरीय विद्यालय खेलकूद प्रतियोगिताएं 19 वर्ष से कम सीनियर, 17 वर्ष से कम जूनियर और 14 वर्ष से कम सब जूनियर वर्ग में आयोजित होंगी।
- विद्यालय, जिला, मंडल, राज्य एवं राष्ट्रीय विद्यालय खेलकूद प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने वाले छात्र छात्राओं को प्रतिबंधित दवाओं का प्रयोग प्रतिबंधित है।
- माध्यमिक विद्यालयों में हर छात्र छात्रा को अनिवार्य रूप से कम से कम दो खेलों में प्रतिभाग कराया जाना अनिवार्य है।
- जिन विद्यालयों में कम से कम दो खेलों में छात्र छात्राओं को प्रतिभाग नहीं कराया जाएगा, उनकी जांच कर कार्रवाई होगी।
- किसी भी छात्र छात्रा को खेल प्रतियोगिता में भाग लेने से किसी भी दशा में नहीं रोका जाएगा।
- प्रतियोगिता के आयोजन के पूर्व विद्यालयों में प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी जिससे छात्र-छात्राओं में खेल प्रतिभा का विकास हो सके।

