Sunday, March 29, 2026
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भाजपा सरकार के खिलाफ सपा का हल्ला बोल, प्रदर्शन

जनवाणी ब्यूरो |

शामली: हाईकमान के निर्देश पर समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ता बृहस्पतिवार को पार्टी के जिला कार्यालय पर एकत्रित हुए। उसके बाद यहां से पैदल मार्च करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचें। पैदल मार्च के दौरान सपाइयों ने प्रदेश की योगी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

कलक्ट्रेट में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रोफेसर सुधीर पंवार ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष तथा ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में प्रदेश सरकार के इशारे पर जमकर गुंडागर्दी और लोकतंत्र की हत्या हुई है।

जिला पंचायत अध्यक्ष तथा प्रमुख पद के नामांकन के समय विपक्ष के प्रत्याशी, प्रस्तावकों, समर्थकों तथा महिलाओं के साथ शर्मनाक घटना को अंजाम दिया गया। पूर्व स्पीकर माता प्रसाद पांडे के साथ धक्का-मुक्की की गई। मतदान के दिन सत्ता पक्ष के साक्षर जिला पंचायत तथा क्षेत्र पंचायत सदस्यों के साथ जबरन हेल्पर लगाकर वोट डलवाए गए।

इससे पूर्व जिला पंचायत तथा क्षेत्र पंचायत सदस्यों को डराया धमकाया गया। पुलिस-प्रशासन सत्ता पक्ष के कार्यकर्ता बनकर काम करते रहे। सपा के प्रत्याशियों तथा समर्थकों पर हमले के साथ नामांकन पर्चे फाड़ दिए गए।

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पूर्व मंत्री किरणपाल कश्यप ने कहा कि भाजपा छल बल से जीतने में लगी रही। सपा प्रत्याशियों के समर्थकों व विपक्ष के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं के साथ हिंसा से लोकतंत्र शर्मसार हुआ।

सपा जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव में डबल इंजन की सरकार द्वारा की गई प्रायोजित हिंसा में संविधान को नजरअंदाज करते हुए हिटलर और मुसोलिनी की तानाशाही से कहीं कदम आगे निकल चुकी है। सपा ने राज्य निर्वाचन आयोग में लगातार शिकायतें की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

सोलह सूत्रीय ज्ञापन में किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य एवं एमएसपी की गारंटी तथा 15000 करोड रुपये बकाया गन्ना भुगतान तत्काल दिए जाने और कृषि कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की है।

इसके आलवा डीजल-पेट्रोल, रसोई गैस, बीज, कीटनाशक दवाएं, कृषि यंत्र आदि पर बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने, बेरोजगार नौजवानों को रोजगार, कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने और महिलाओं के साथ हो रहे अपराध पर रोक लगाने की मांग की है।

साथ ही, सपा कार्यकर्ताओं पर संगठित अपराध को अविलंब बंद करने, बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने, भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, कोरोना में सरकार द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की जांच कराए जाने, मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने, जिला पंचायत अध्यक्ष तथा ब्लॉक प्रमुख चुनाव में हुई धांधली एवं हिंसा की जांच कराने, पत्रकारों पर लगातार हो रहे हमले और हत्याओं पर रोक लगाने, दलित व अल्पसंख्यक वर्ग पर हो रहे अत्याचार बंद करने, पिछड़ा वर्ग के 27 प्रतिशत आरक्षण में कटौती बंद किए जाने की मांग की गई।

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