Friday, February 13, 2026
- Advertisement -

गन्ना भुगतान पर चुप्पी साध रही प्रदेश सरकार: शौकेंद्र

  • अर्जुन अवार्डी पहलवान एवं सपा नेता शौकेंद्र तोमर ने जारी किया बयान
  • कहा, किसानों की समस्याओं के समाधान की सरकार को नहीं है चिंता

मुख्य संवाददाता |

बागपत: अर्जुन अवार्डी पहलवान एवं सपा के पूर्व प्रत्याशी शौकेंद्र तोमर ने कहा कि 14 दिन में गन्ना भुगतान दिलाने का वादा करने वाली सरकार इन दिनों भुगतान पर चुप्पी साधे हुए है। पिछले साल का गन्ना भुगतान अभी तक किसानों को नहीं मिला है, जबकि नए पेराई सत्र का शुभारंभ करने की तैयारी हो गई है।

किसान के घर त्योहार मनाए जाएंगे या नहीं? इसकी चिंता सरकार को नहीं है। तौल केंद्रों की समस्याओं के समाधान को करने में भी सरकार व सिस्टम फेल हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर जल्द ही आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।

अर्जुन अवार्डी पहलवान एवं सपा के पूर्व प्रत्याशी शौकेंद्र तोमर ने रविवार को बयान जारी किया और भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सत्ता में आने से पहले भाजपा ने किसानों से तमाम वादे किए थे। 14 दिन में गन्ना भुगतान दिलाने का वादा किया था। कहा था कि अगर 14 दिन में चीन मिल ने किसानों का भुगतान नहीं किया तो संबंधित चीनी मिल पर कार्रवाई की जाएगी और किसान का भुगतान कराने की जिम्मेदारी सरकार उठाएगी।

किसानों ने भुगतान की उम्मीद में भाजपा को सत्ता की कुर्सी पर बैठा दिया, लेकिन कुर्सी पर बैठते ही सरकार किसानों को भूल गई है। किसान आज गन्ना भुगतान को तड़प रहा है। पिछले साल किसानों ने चीनी मिलों में जो गन्ना डाला था अभी तक भी उसका संपूर्ण भुगतान नहीं किया गया है।

चीनी मिलों का पेराई सत्र शुरू हो रहा है। किसान फिर से गन्ना डालेगा, लेकिन उसका पिछला ही भुगतान नहीं हुआ है। अब वह जो गन्ना डालेगा उसका भुगतान कब मिलेगा, इसकी चिंता किसान को है। गन्ना डालना किसान की मजबूरी है, क्योंकि उसके घर का चूल्हा इसी गन्ने के भुगतान से जलता है।

गन्ना मंत्री भी तमाम वादे करते हैं कि किसानों को भुगतान कर दिया गया है। अब पता नहीं वह कौन से आंकड़े प्रस्तुत करते हैं? हकीकत में धरातल पर किसानों के बीच जाकर उनकी पीड़ा सरकार जानने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि अब त्योहारी सीजन शुरू हो गया है। किसानों के आंगन में खुशियों के दीपक जलेंगे या नहीं?

इसकी चिंता सरकार को नहीं है। किसान दीपावली मना पाएगा या नहीं? इसकी चिंता नहीं है। किसान का कर्ज दूर होगा या नहीं? इसकी चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को किसान की नहीं, बल्कि आगामी चुनाव की तैयारियों की चिंता है। बिजली के दाम बढ़ाकर किसानों की फसलों की लागत को दोगुना कर दिया गया है।

किसान की आय बढ़ाने की बजाय फसलों की लागत बढ़ाकर झटका दिया है। अब गेहूं की फसल की तैयारी की जानी है, लेकिन नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। सिंचाई के संसाधन मुहैया नहीं कराए जा रहे हैं। नहरों में पानी नहीं होने से किसान आगामी फसल की तैयारी भी नहीं कर पाएंगे।

उन्होंने कहा कि गन्ना क्रय केंद्रों को लेकर मंत्री से लेकर अधिकारी तक कोई किसानों की पीड़ा नहीं सुन रहा है। जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर गाधी गांव के किसान दो दिन से धरने पर है, लेकिन किसी भी सत्ताधारी नेता ने उनकी सुध नहीं ली। उन्होंनें कहा कि किसान, गरीब, मजदूर की समस्याओं को लेकर जल्द ही आंदोलन की रणनीति तैयार होगी।

शौकेंद्र तोमर ने कहा कि जनपद के किसानों की समस्याओं का अगर समय से समाधान कराने में भाजपा नेता फेल हैं तो वह अपने पदों से इस्तीफा दे दें, क्योंकि जनता ने उन्हें समस्याओं के समाधान के लिए ही बैठाया है। जनता की समस्या का समाधान नहीं होगा तो उनका पद पर रहना शोभा नहीं देता है।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

Air India: एअर इंडिया हादसा, इटली मीडिया ने पायलट पर लगाया गंभीर आरोप

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: एअर इंडिया के विमान हादसे...

World News: व्हाट्सएप-यूट्यूब पर रूस की बड़ी कार्रवाई, यूजर्स को लगा झटका

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: रूस में कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय...
spot_imgspot_img