
सेहत और खान-पान की आदतों का चोली दामन का साथ है। अगर हम सही और पौष्टिक खाते हैं तो फिट रहते हैं। जहां हमने सही औेर पौष्टिक आहार पर अपनी पकड़ ढीली की, वहीं नतीजा सामने आ जाता है। कई लोग वैसे संतुलित चलते हैं पर अपनी पसंद के खाद्य पदार्थों को देखते ही अपना संतुलन खो बैठते हैं। माह में एक दो बार तो ठीक है, पर अक्सर ऐसा होता रहे तो नतीजा खराब होगा ही। अगर खाने में कोई गलत आदतें डल गई हैं तो समय रहते बदलें उन आदतों को। अपनी आदतों के प्रति सजग रहना बहुत जरूरी है ताकि आप और आपका परिवार सेहतमंद बना रह सके।
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ज्यादा देर तक भूखा रहना भी ठीक नहीं
कई लोग प्रात: का नाश्ता नहीं करते कि सुबह भूख नहीं लगती या किसी पार्टी में जाना है तो दिनभर भूखे रहते हैं और खाना सामने आते ही उस पर टूट पड़ते हैं। भूख अधिक लगे रहने के कारण खाया भी ज्यादा जाता है और उस समय कैलरीज की तरफ ध्यान भी नहीं जाता। इसी प्रकार रात के खाने के बाद अगर आप सीधे लंच करेंगे तो अंतराल अधिक हो जाएगा और भूख लगेगी तो जरूरत से ज्यादा खाना खाया जाता है। ऐसा करना सेहत के साथ नाइंसाफी है।
इन आदतों से सेहत तो खराब होती ही है, गैस भी बनती है और पेट पर भी अत्याचार होता है। उसे कितनी मेहनत करनी पड़ती है भोजन पचाने में। ऐसी आदत से छुटकारा पाना ही ठीक है ताकि सेहत और पेट दुरूस्त रह सकें।
अक्सर हम सोचते हैं कि हम व्यायाम करते हैं, हमें खाने की पूरी छूट है। कुछ भी, कभी भी खा सकते हैं। यह सोच गलत है। यह तो सच है कि नियमित व्यायाम से हमारी अतिरिक्त कैलरी बर्न होती हैं पर अनियंत्रित या ज्यादा खाने से हमारे फैट एकत्र होते हैं जो परिणामस्वरूप मोटापा लाते हैं। व्यायाम करने से काबोर्हाइड्रेटस तो बर्न होते हैं पर फैट्स अधिक यूज नहीं होते। इसलिए व्यायाम करने वालों को भी नियंत्रित खाना ठीक है।
लंच, डिनर में आर्डर अपने हिसाब से करें
आज के युवा, युवतियां अक्सर लंच, डिनर का प्रोग्राम सप्ताहांत पर बनाते रहते हैं और दोस्तों के अनुसार ही खाते हैं जो आपकी सेहत पर कुप्रभाव डालते हैं। दोस्तों के साथ बाहर खाना तो नहीं छोड़ सकते पर इतना कर सकते हैं अपना आर्डर अपने हिसाब से दें। कुछ बीच का रास्ता निकालें। जैसे सूप प्लेन ( बिना क्र ीम वाला) मंगवा सकते हैं|
उसी प्रकार बटर नान, परांठे के स्थान पर सादी तंदूरी रोटी मंगवा सकते हैं। सलाद मंगवा सकते हैं। सब्जियों में दाल मक्खनी या नानवेज के स्थान पर मिक्स वैजिटेबल और तंदूरी चिकन मंगवा सकते हैं। मिक्स सब्जी से आपको रेशा भी भरपूर मिलेगा और क्रीमी भी नहीं होगा। कोल्ड डिंÑक्स के स्थान पर सादा पानी या नींबू पानी लें। अंत में डेजर्ट भी हल्का सा लें।
शुगर फ्री चीजों के आदी न बनें
बहुत से लोग वैसे तो मीठा अवायड करते हैं पर शुगर फ्री मिठाई, आइसक्रीम से परहेज नहीं करते बल्कि ज्यादा खा लेते हैं। सेहत को नुकसान पहुंचता है अधिक शुगर फ्री चीजों के सेवन से। न्यूट्रीशनिस्ट के अनुसार दिन भर में शुगर फ्री की गोलियां 2-3 से ज्यादा न लें। प्रयास कर दूध से बनी खाद्य सामग्री में इसका प्रयोग न करें और स्वयं भी इनका सेवन कम करें।
नमक ज्यादा खाना भी खतरनाक
बहुत से लोगों को खाने के साथ अचार, पापड़, सलाद पर नमक डालकर खाने की आदत होती है। उन्हें खाना इनके बिना स्वाद ही नहीं लगता। कभी कभी अचार, पापड़ खाना ठीक है पर सलाद पर नमक का सेवन भी कम करें। सब्जी में नमक कम डालें, बिना स्वाद चखे सब्जी में नमक और न डालें। चिप्स व अन्य स्नैक्स में नमक का प्रयोग प्रिजर्व करने के चक्कर में अधिक होता है। इनमें मौजूद सोडियम हमारे हृदय को बीमार बनाता है। दिन भर में 5 ग्राम से अधिक नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। दिल के अतिरिक्त सोडियम किडनी को भी नुकसान पहुंचाता है।
स्नैक्स को दोस्त न बनाएं
अक्सर भूख लगने पर, फ्रिज में रखे रहने पर, घर में रखे रहने पर हम रेडिमेड स्नैक्स को भूख मिटाने का सहारा बनाते हैं। ये आदतें बिल्कुल गलत हैं। आपात स्थिति में कहीं आप बाहर हैं, सफर कर रहे हैं तो ठीक है। घर पर रहने पर इनसे दूरी बनाएं।
टीवी देखते समय, पिक्चर देखते समय चिप्स, फ्रेंच फ्राइज, बटर वाले पॉपकार्न न खाएं। न ही कोल्ड डिंÑक लें। अगर लस्सी, नींबू पानी (नमकीन) आॅप्शन है तो वही लें। चिप्स, फ्रेंच फ्राइज और बटर वाले पॉपकार्न के स्थान पर प्लेन पॉपकार्न, भेलपुरी या भुना नमकीन लें। घर पर फ्रूट चाट, सलाद, नट्स भी ले सकते हैं। मुख्य तीन मील और दो स्नैक्स लेना सेहत के लिए ठीक है।
नीतू गुप्ता


