- यमुना करनाल पुल से शामली कलक्ट्रेट रहा ट्रैक्टरों का रेला
- राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर कृषि कानून वापस लेने की मांग
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: भाकियू ने नए कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग को लेकर ट्रैक्टर मार्च निकालकर संगठन के साथ-साथ किसान की ताकत का प्रशासन को अहसास कराया। कलक्ट्रेट पहुंचने पर भाकियू ने जिलाधिकारी के माध्यम से एक ज्ञापन देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजा। ज्ञापन में नए कृषि कानून को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की गई है। यूनियन ने आगामी 26 जनवरी को दिल्ली में निकाले जाने वाली किसान तिरंगा यात्रा निकलाने का ऐलान किया।

भाकियू ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार शनिवार को हरियाणा के करनाल बॉर्डर स्थित झिंझाना थाने के बिडौली चेकपोस्ट से शामली कलक्ट्रेट तक भाकियू युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत के नेतृत्व में ट्रैक्टर मार्च निकाला। ट्रैक्टर मार्च ने मेरठ-करनाल हाइवे से गाड़ीवाला चौराहा, टपराना, टिटौली समेत विभिन्न गांवों से होते हुए शामली शहर में प्रवेश किया।
इसके बाद भाकियू नेता गौरव टिकैत के नेतृत्व में ट्रैक्टरों का काफिला कलक्ट्रेट के मुख्य प्रवेशद्वार पर पहुंचा। प्रवेशद्वार पर ताला लगने के साथ-साथ पुलिस-पीएसी का तीन चक्र की बैरिकेडिंग के चलते लाख कोशिशों के बाद भी कलक्ट्रेट में प्रवेश नहीं कर पाए।
इसको लेकर पुलिसकर्मियों और भाकियू नेताओं की तीखी नोकझोंक हुई। साथ ही, उत्तेजित किसानों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान किसानों ने केंद्र सरकार के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
करीब पौन घंटे तक चले हंगामे के बाद गौरव टिकैत, भाकियू जिलाध्यक्ष कपिल खाटियान, प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार, संजीव राठी आदि ने राष्टÑपति को संबोधित ज्ञापन एडीएम अरविंद कुमार सिंह को सौंपा। ज्ञापन में केन्द्र सरकार द्वारा बनाए गए नए कृषि कानून को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की गई है।

इस दौरान भाकियू युवा अध्यक्ष गौरव टिकैत ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान पिछले करीब 52 दिनों से केंद्र सरकार द्वारा बनाए नए कृषि कानून के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहा है, लेकिन केन्द्र सरकार किसानों की बात नहीं मान रही। जिसको लेकर आगामी 26 जनवरी को दिल्ली में किसान देशभक्ति के जज्बे का प्रदर्शन करते हुए ट्रैक्टर परेड करेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया इस परेड का गणतंत्र दिवस के अवसर पर लाल किले पर होने वाली परेड से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि आंदोलन कर रहे किसानों को पाकिस्तानी-खालिस्तानी बताया जा रहा है, इसलिए किसान ट्रैक्टर मार्च के चरिए अपनी देशभक्ति का प्रदर्शन करेंगे। गौरव टिकैत ने कहा कि केन्द्र सरकार को कृषि कानून वापस लेना ही पड़ेगा।

इस अवसर पर भाकियू के प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार, जिलाध्यक्ष कपिल खाटियान, मनदीप सिंह, परमजीत सिंह, गुडडू बनत, संजीव राठी, योगेंद्र पंवार, मास्टर जाहिद, संजीव सिंह, लवरीत सिंह, हरसिमरन सिंह, प्रदीप त्यागी, लाखन सिंह, राजेन्द्र ऊन, भंवर सिंह, अजीत निर्वाल आदि मौजूद रहे।
…और फूल गए हाथ-पैर
शामली। करीब एक हजार ट्रैक्टरों के काफिल के साथ जिस वक्त भाकियू युवा के अध्यक्ष गौरव टिकैत के नेतृत्व में किसान कलक्ट्रेट के प्रवेशद्वार पर पहुंचे तो उससे पहले कलक्ट्रेट के प्रवेशद्वार पर ताला डालकर तीन राउंड लोहे की बैरिकेडिंग कर दी गई थी। बैरिकेडिंग के सबसे आगे महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। उसके बाद एलआईयू की टीम थी। फिर, एसडीएम संदीप कुमार, सीओ सिटी प्रदीप कुमार मुस्तैत थे। गेट के पीछे फायर बिग्रेड की गाडी थी।
एलआईयू का एक इंस्पेक्टर लगातार किसानों की गतिविधियों की वीडियो शूट कर रहा था। पुलिस ने जब ट्रैक्टरों को अंदर आने से रोका तो किसान उत्तेजित हो गए। उन्होंने जमकर नारेबाजी की। अफसरों से तीखी नोकझोंक भी हुई। ज्ञापन सौंपने के बाद अचानक से किसानों का पारा फिर चढ़ गया।
सबसे आगे के ट्रैक्टर चालकों ने ट्रैक्टरों की स्पीड तेज की। फिर, अचानक ब्रेक लगाए। एक बारगी तो युवाओं ने आगे की बैरिकेडिंग हटा भी दी। ऐसा कई बार हुआ जिससे ड्यूटी पर मुस्तैद पुलिसकर्मियों के हाथ पैर फूले रहे।

