Friday, March 27, 2026
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Share Market Today: शेयर बाजार में जोरदार उछाल, इस्राइल-ईरान संघर्ष विराम और वैश्विक संकेतों से बढ़ा निवेशकों का भरोसा

नमस्कार,दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। आज मंगलवार 24 जून को हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन की शुरूआत जोरदार उछाल के साथ हुई। बताया जा रहा है कि,पश्चिम एशिया में इस्राइल और ईरान के बीच संघर्ष विराम की खबरों ने वैश्विक निवेशकों में राहत की लहर दौड़ा दी है, जिसका असर मंगलवार को घरेलू शेयर बाजारों में जोरदार तेजी के रूप में देखा गया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 930.7 अंक उछलकर 82,827.49 पर और निफ्टी 278.95 अंक की बढ़त के साथ 25,250.85 पर पहुंच गया।

रुपये ने भी दिखाया दम

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 68 पैसे मजबूत होकर 86.10 पर पहुंच गया। साथ ही वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड 2.87 प्रतिशत फिसलकर 69.43 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जिससे तेल आयातक भारत को भी राहत मिली है।

सेंसेक्स की तेज़ी में कौन रहे आगे?

सेंसेक्स कंपनियों में अदाणी पोर्ट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा, लार्सन एंड टूब्रो, एक्सिस बैंक और एशियन पेंट्स सबसे ज्यादा फायदे में रहे। वहीं एनटीपीसी और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे कुछ शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

एफआईआई ने की बिकवाली, लेकिन डीआईआई ने दिखाई मजबूती

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 1,874.38 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने विश्वास जताते हुए 5,591.77 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

ट्रंप के बयान से भी बाजार को मिला बल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से पश्चिम एशिया में शांति बहाली की पहल का भी सकारात्मक असर बाजार पर पड़ा। बेंचमार्क निफ्टी 50 इंडेक्स 208 अंक की छलांग के साथ 25,179.90 पर खुला, जबकि सेंसेक्स ने 637.82 अंकों की बढ़त के साथ 82,534.61 का स्तर छू लिया।

विशेषज्ञों की राय

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव कम होने से निवेशकों में विश्वास लौटा है। अब निवेशकों की नजरें 9 जुलाई पर टिकी हैं, जब अमेरिकी टैरिफ से जुड़ा एक अहम फैसला आना है। यदि टैरिफ की चिंताएं हल होती हैं, तो बाजार में यह तेजी लंबे समय तक बनी रह सकती है।

निष्कर्ष क्या है

इस्राइल-ईरान संघर्ष में नरमी, कच्चे तेल की गिरती कीमतें और घरेलू निवेशकों की सकारात्मक भागीदारी ने बाजार को मजबूती दी है। आगामी वैश्विक घटनाओं के संकेत अब अगले रुझान तय करेंगे।

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