- कहा, ऑनलाइन शिक्षा के समय खुद को धोखा दिया
- बीएसएम स्कूल में स्मार्ट एजुकेशन कार्यशाला आयोजित
जनवाणी संवाददाता |
शामली: नगर स्थित बीएसएम स्कूल में इंट्रेक्टिव सेशन के अंतर्गत स्मार्ट एजुकेशन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में आचार्य पवन ने स्मार्ट एजुकेशन पर जोर देते हुए टिप्स दिए।
पानीपत इंस्ट्रीटयूट ऑफ इंजिनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के सहयोग से कक्षा 9 से कक्षा 12 तक के विद्याार्थियो के लिए इंट्रेक्टिव सेशन में आयोजित कार्यशाला में आचार्य पवन ने लॉकडाउन के दौरान चली ऑनलाइन शिक्षा में आने वाली परेशानियों के बारे में बताते हुए कहा कि अब अगली कक्षाओं के लिए होने वाली वार्षिक परीक्षा के लिए बच्चों को किस प्रकार पढ़ाई करनी चाहिए।
स्मार्ट एजुकेशन पर जोर देते हुए उसके विषय में बताया कि बच्चों ने ऑनलाइन शिक्षा के समय खुद को ही धोखा दिया है। परंतु अब उन्हें सेल्फ ओनेस्टिग फास्ट के माध्यम से अपने काम के प्रति ईमानदार होना चाहिए। इससे तात्पर्य यह है कि बच्चे सप्ताह में एक दिन ऐसा अवश्य चुने।
जिस दिन वह अपना समस्त कार्य ईमानदारी से करें। उसके बाद उन्होने मैगनेटोग्राफी के माध्यम से बताया कि पढ़ते समय एकाग्रता अति आवश्यक है। इससे हम कम समय में अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, अपनी स्मरण शक्ति बढा सकते हैं। आचार्य पवन ने आर्ट ऑफ पैसिव, स्टडी के माध्यम से समझाया कि स्टडी दो प्रकार से की जाती है, एक्टिव और पैसिव।
एक्टिव स्टडी कक्षा में अध्यापक के सहयोग से पुस्तक द्वारा की जाती है जबकि पैसिव स्टडी खाली समय का सदुपयोग करके शारीरिक श्रम करते हुए मानसिक रूप से अपने विषय को दोहरा कर की जा सकती है। इसलिए पैसिव स्टडी पर ज्यादा ध्यान दे। रिस्पेक्टोलॉजी पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि यदि आपको कोई विषय अत्याधिक परेशान करता है और आप उस अध्यापका का आदर नहीं करते।
यदि आप ऐसा करना छोड देंगे तो आपको उस विषय में आने वाली परेशानियां भीसमाप्त हो जाएगी। ट्रेन ऑफ ब्रेन के माध्यम से आचार्य ने अपने दिमाग को पढ़ाई के लिए तैयार करने के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि यदि बच्चे एक डायरी में अपनी दिनचर्या लगभग 21 दिन तक लिखे तो वह अपनी पढ़ाई के लिए निर्धारित समय को सह प्रकार जान सकेंगे।
उन्होने बताया किय दिमाग तीन प्रकार से कार्य करता है इंट्रेक्ट, कॉन्टेक्ट व यूटीलिटी। डायरी लेखन से यह भाग सक्रिय हो जाएंगे, तब आप हार्ड स्टडी के बजाय स्मार्ट कर पाएंगे। ‘पाइट‘ संस्था से आए प्रोफेसर संदीप ने बताया कि हर व्यक्ति जो कुछ नया सीखता है वह हमेशा दूसरों को सिखाना चाहता है। यही कार्य एक अध्यापक भी करता है।
इस अवसर पर स्कूल कि चेयरमैन सूर्यवीर सिंह व मैनेजर छाया सिंह ने आचार्य पवन और पाइट संस्था से आए प्रोफेसर संदीप का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे विचार मन की गति को सही दिशा प्रदान करने में सहायक सिद्व होते है। प्रधानाचार्य राजकुमार धीमान ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में नीरज कौशिक व शिवम छाबडा का सहयोग रहा।

