- किसानो के सामने पशुओं के चारे संकट
- पॉलीथिन व प्लास्टिक जलाकर फैलाया जा रहा प्रदूषण
- मिल प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप
जनवाणी संवाददाता |
मोरना: दी गंगा किसान सहकारी चीनी मिल मोरना की स्टीम टूटने के कारण चीनी मिल बंद हो गई, जिस पर किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। किसानों के सामने पशुओं की चारे की समस्या आ खड़ी हुई है। किसानों ने जल्द मिल चलाने की मांग को हंगामा किया।

दी गंगा किसान सहकारी चीनी मिल मोरना पर मिल प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। लापरवाही के चलते मिल प्रशासन ने मिल की खोई को ठेकदार द्वारा मोटे रूपेय लेकर बेच दिया गया। मिल में खोई न होने के चलते मिल की स्टीम बंद हो गई।

मिल की स्टीम बंद होने से लगभग 4 दिनों से चीनी मिल मोरना बंद पड़ी हुई है, जिसके चलते किसानों के सामने पशुओं के चारे की समस्या खड़ी हो गई है। वहीं करीब 3 दिन से किसान भूखे प्यासे चीनी मिल में गन्ना लेकर पढ़े हुए हैं और किसानों के पशु मिल में भूखे प्यासे तड़प रहे है।

किसानों ने बताया कि चीनी मिल मोरना में द्वारा मिल की खोई को बेच दिया गया है और मिल में स्टीम बनाने के लिए उसमें खोई की जगह रबड़ प्लास्टिक लकड़ी जलाई जा रही है।
मिल में प्लास्टिक व रबड़ जलाने के कारण उसका जहरीला धुंआ निकलने से क्षेत्र में बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। वही करीब तीन चार दिन से मिल बन्द होने के कारण सरकार का लाखो का नुकसान हो रहा है।
मिल प्रबन्धक कमल रस्तौगी ने बताया कि बारिश के कारण मिल बंद हो गई थी, जिसे दोबारा से चलाया जा रहा है। मिल में खोई बहुत कम थी, जिस कारण मिल में लकड़ी जलाकर स्टीम बनाई जा रही है। पॉलीथिन नही जलाई गयी है जल्द ही मिल चलाई जाएगी।

