- 20 जुलाई से ग्राम स्तरीय सर्वे और सट्टा प्रदर्शन का चलाया जाएगा अभियान
- सितंबर माह तक कैलेंडर तैयार करके आपत्तियां निस्तारित करने का रखा गया लक्ष्य
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: पेराई सत्र 2021-22 के समापन के साथ ही गन्ना विभाग ने आगामी सत्र 2022-23 को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस सिलसिले में प्रदेश मुख्यालय से जारी किए गए कार्यक्रम में 20 जुलाई से ग्राम स्तर पर सर्वे और सट्टा प्रदर्शन के साथ राजस्व अभिलेखों और घोषणा पत्र से सर्वेक्षित क्षेत्रफल का मिलान करने के निर्देश दिए गए हैं। उप गन्ना आयुक्त के अनुसार इस संबंध में प्रदेश मुख्यालय से जारी किए गए आदेश के अनुसार विभाग एवं चीनी मिलों द्वारा संयुक्त रूप से जीपीएस प्रणाली के माध्यम से एचएचसी द्वारा गन्ना सर्वेक्षण कार्य पूर्ण कराया जा रहा है।
वर्तमान पेराई सत्र में यूनिक ग्रोवर कोड (यूजीसी) विकसित करने का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। गन्ना समितिवार राजस्व ग्रामों की मैपिंग एवं आॅनलाइन उपलब्ध राजस्व रिकार्ड से कृषकवार गाटा संख्या फीडिंग का कार्य भी लगभग पूर्ण हो चुका है। आगामी पेराई सत्र में गन्ना कृषकों की कृषि योग्य भूमि एवं गन्ना क्षेत्रफल, पाटा राख्दावार ही ग्राम स्तरीय सर्वे एवं सट्टा प्रदर्शन के दौरान गन्ना कृषकों के मध्य प्रदर्शित किया जाना है,

सर्वेक्षित गन्ना क्षेत्रफल के शुद्ध आंकड़ों को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक चरण में गन्ना किसानों से प्राप्त आपत्तियों का गुणवत्तापरक निदान करते हुए सुगमतापूर्वक पर्ची जारी करने की दिशा में समय रहते कदम उठाना जरूरी है। इसके लिए 20 से 30 जुलाई तक ग्राम स्तरीय सर्वे और सट्टा प्रदर्शन, राजस्व अभिलेखों एवं घोषणा पत्र से सर्वे किए गए गन्ना क्षेत्रफल का मिलान करने का अभियान चलाया जाएगा।
इसके उपरांत एक सितंबर से 10 सितंबर तक प्री कैलेंडर तैयार करने, ई-गन्ना ऐप और वेबसाइट पर आनलाइन उपलब्धता कराने का अभियान चलेगा। 11 से 30 सितंबर तक समिति स्तर पर सर्वे और सट्टा प्रदर्शन एवं आपत्ति निस्तारण का अभियान चलाया जाएगा। मिलों के संचालन से एक सप्ताह पूर्व अंतिम कैलेंडर तैयार करके ई-गन्ना ऐप और वेबसाइट पर आनलाइन उपलब्धता कराया जाएगा।

