- सपा-रालोद गठबंधन का ऐलान, फार्मर रिवालविंग फंड बनाया जाएगा
- किसान स्मारक बनाया जाएगा, 22 लाख रोजगार की व्यवस्था होगी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के दावे खोखले साबित हो गए। किसानों की आय दोगुनी की जगह महंगाई ने आय आधी कर दी है। गन्ने का भुगतान नहीं किया गया है। कीटनाशक और खाद महंगी हो गई। उन्होंने कहा कि सरकार बनी तो 15 दिन में गन्ने का भुगतान कर दिया जाएगा और किसानों को फ्री में बिजली दी जाएगी।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने 80 करोड़ का राशन फ्री में खिलाकर लोगों को मजबूर कर दिया है। खुशहाली की जगह लोग गरीब होते जा रहे हैं।

नौजवानों को रोजगार नहीं दिया गया। पांच साल में कोई भी उद्योग नहीं लगाए गए। उन्होंने कोरोना की दूसरी लहर में हुई मौतों और बदइंतजामी पर भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि लॉकडाउन में सरकार ने लोगों की मदद करने से पूरी तरह से हाथ फेर लिया था। लोगों को पैदल सैकड़ों किमी की दूरी तय करके घर जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि वादा करते हैं कि 15 दिन के अंदर गन्ना किसानों को भुगतान कर दिया जाएगा।
इसके लिये जरूरत पड़ी तो फार्मर रिवालविंग फंड भी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पेंशन योजना को फिर शुरू किया जाएगा। जिसके तहत 18,000 प्रति का गरीब वृद्धों, जरूरत मंद महिलाओं एवं बीपीएल परिवारों को दिया जाएगा। 2012-17 तक हमने 55 लाख परिवारों को समाजवादी पेंशन दी है। बीमा एवं पेंशन की व्यवस्था की जाएगी। नौजवानों को लैपटॉप दिया जाएगा,सपा सरकार में हमने 18 लाख लैपटॉप बांटे थे।

सपा सरकार बनने पर किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों के परिवारों पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद और उनके सम्मान में किसान स्मारक बनाया जाएगा। सांड़ के हमले में मारे जाने वाले लोग जिसमें अधिकतर ग्रामीण, किसान होते हैं उनके परिवारों को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। आईटी के क्षेत्र में 22 लाख रोजगार की व्यवस्था की जाएगी।
गठबंधन की सरकार बनी तो हस्तिनापुर के विकास को मिलेगा विशेष पैकेज: अखिलेश
हस्तिनापुर को लेकर सपा के राष्टÑीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को पांच सितारा गॉडविन होटल में बड़ा ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि यूपी में सपा-रालोद गठबंधन की सरकार सत्ता में आती है तो हस्तिनापुर के विकास के लिए विशेष पैकेज दिया जाएगा। अखिलेश यादव के इस ऐलान से भाजपा में खलबली मच गयी हैं। लंबे समय से हस्तिनापुर को विकास की दरकार हैं।
हालांकि भाजपा ने दिनेश खटीक को राज्यमंत्री चुनाव से चार माह पहले बनाने का काम किया था, लेकिन हस्तिनापुर में जो विकास कार्य होने चाहिए थे, वो नहीं हुए। तमाम सड़कें टूटी पड़ी हैं। महाभारत कॉलीन अवशेषों को रखने के लिए कोई म्यूजियम तक नहीं हैं, जो भी यहां से खुदाई में पुरातत्व महत्व के सामानों को लखनऊ म्यूजियम में रखा गया। अखिलेश यादव ने साफ कर दिया कि यूपी में सपा की सरकार बनेगी, जिसके बाद हस्तिनापुर के विकास के लिए विशेष पैकेज दिया जाएगा।
इस घोषणा पर सपा-रालोद प्रत्याशी योगेश वर्मा ने हर्ष व्यक्त किया तथा कहा कि हस्तिनापुर का अब कायाकल्प होगा। इस दिशा में अखिलेश और जयंत चौधरी ने संयुक्त प्रयास आरंभ कर दिये हैं। हस्तिनापुर को बिग पर्यटक स्थल बनाने और भीकुंड में बने पुल के समीप गंगा में घाट बनाने के प्रस्ताव बनाया जाएगा।
चौधरी चरण सिंह की विरासत को आगे बढ़ाना हैं: जयंत
दोपहर तीन बजे सपा-रालोद की संयुक्त रूप से पांच सितारा होटल गॉडविन में पीसी रखी थी। गठबंधन की यह पहली पीसी थी, लेकिन करीब साढ़े पांच घंटे विलंब से पहुंचे सपा राष्टÑीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और रालोद राष्टÑीय अध्यक्ष जयंत चौधरी। मुजफ्फरनगर से लेकर क्रांतिधरा यानिकी मेरठ तक दर्जन भर से ज्यादा स्थानों पर भव्य स्वागत समर्थकों ने किया। स्वागत के कोई कार्यक्रम नहीं थे, लेकिन जैसे ही अखिलेश यादव और जयंत चौधरी का समर्थकों को हाईवे से आने की भनक लगी तो लोग सड़कों पर एकत्र हो गए।
इसी वजह से दोनों नेताओं का कार्यक्रम पिछड़ता चला गया। निर्धारित समय से साढ़े पांच घंटे बाद गॉडविन होटल पहुंचे रालोद के राष्टÑीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने आते ही मंच पर माइक संभाल लिया तथा कहा कि मेरठ की पहचान रही हैं। मेरठ चौधरी चरण सिंह की कर्मभूमि रही हैं। चौधरी चरण सिंह की विरासत में जो लोग अपनी पहचान मांगते हैं। उनकी विचारधारा से जुड़े हैं। उनके आगे जीवन में परेशानी है। इस चुनाव में जनता को तय करना होगा। उस विरासत को आगे बढ़ाना हैं तो उप्र में एक ऐसा विकास चाहते है, जहां सब वर्गों की भागीदरी हो। सभी जातियों व धर्मों की गिनती हो तथा सरकार बिना भेदभाव के उन्हें आगे बढ़ाने के लिए मुख्य धारा में लाने का प्रयास करें।
गठबंधन के पक्ष में मतदान करने का भी उन्होंन आह्वान किया। मेरठ की क्रांति भूमि पर अखिलेश यादव का भी उन्होंने स्वागत किया। उनके विलंब से आने का बहुत लोग संशय भी लगा रहे थे कि संगम होगा कि नहीं, लेकिन हमारा संगम तो पहले ही हो चुका। हमारा निर्णय ठोस हैं, यूपी में किसान और कमेरा वर्ग को पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने संगठित करने का काम किया था, जिसे गठबंधन को आगे बढ़ायेगा।
गठबंधन के पास विजन भी हैं और कार्य करने की क्षमता भी हैं। अप्रत्याशित उत्साह लोगों में देखा। किसान राजधानी दिल्ली राजघाट जाना चाहते है तो उन पर लाठियां फटकारी जाती हैं तथा वहां जाने से उन्हें रोका जाता हैं। यही सब इस सरकार में हो रहा हैं।
काली का हाथ पकड़कर मंच तक लाये अतुल
सपा राष्टÑीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और रालोद राष्टÑीय अध्यक्ष जयंत चौधरी की जिस समय पीसी चल रही थी, तभी अचानक सपा के स्थानीय नेताओं का याद आयी कि हस्तिनापुर के पूर्व विधायक गोपाल काली कहां हैं? क्योंकि गोपाल काली को सपा की सदस्यता ग्रहण करायी जानी थी।
इसी बीच सपा नेता अतुल प्रधान मंच छोड़कर बाहर की तरफ दौड़े, जहां पर पूर्व विधायक गोपाल काली को सुरक्षा कर्मियों ने होटल के मुख्य गेट पर ही रोक रखा था। अतुल प्रधान ने गोपाल काली का हाथ पकड़ा और मंच की तरफ चल दिये। इस तरह से गोपाल का हाथ पकड़कर अतुल प्रधान मंच तक ले गए। पीसी खत्म होने के बाद ही अखिलेश यादव ने मंच से ऐलान किया कि पूर्व विधायक गोपाल काली, मुकेश चरला, डा. संदीप गुर्जर भाजपा छोड़कर सपा की सदस्यता ग्रहण कराई। इसका ऐलान अखिलेश यादव ने मंच से किया।
भाजपा के सांसद, विधायक गांवों में कूटे जा रहे
रालोद मुखिया जयंत चौधरी भी मुखर होकर बोले। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीतिक जमीन खिसक गई है.।जाटों के साथ अमित शाह की मुलाकात पर जयंत ने कहा कि बात जाटों की नहीं बात किसानों की है। इस बयान पर कि उन्होंने कहा कि था को चवन्नी नहीं है जो पलट जाएंगे। जयंत ने कहा कि मैं पलट नहीं सकता।
वह ईमानदार बयान था मेरा। सीएम के चांदनी रात चोरों को अच्छी नहीं लगती के बयान पर जयंत ने कहा कि वो अनाप-शनाप बोलते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार किसान नौजवान और विकास मुद्दा रहेगा। उन्होंने और तल्ख शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि इनके विधायक इनके नेता दौड़ाए जा रहे हैं। वो यहां तक कह गए कि इनके विधायक सांसद कूटे जा रहे हैं।
प्रेस कान्फ्रेंस में अखिलेश यादव और जयंत चौधरी दोनों के निशाने पर खासतौर से यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ रहे.।सपा मुखिया अखिलेश यादव ने खासतौर से मुख्यमंत्री के उस बयान पर तीखा तंज कसा जिसमें सीएम ने कहा था कि चोरों को चांदनी रात अच्छी नहीं लगती। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अपना काम और उपलब्धि नहीं बतानी है। अखिलेश ने कहा कि मुख्यमंत्री जो चांदनी रात बोल रहे हैं एक भी बिजली का कारखाना लगाया हो तो बता दें।
सपा सुप्रीमों ने कहा कि यूपी में बिजली का सुधार सबसे ज्यादा समाजवादियों ने किया। बीते दिनों जाटों के साथ अमित शाह की मुलाकात पर भी अखिलेश यादव ने तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में बेचैनी है। क्योंकि वेस्टर्न यूपी के किसानों ने भाजपा के दरवाजे बंद कर दिए हैं। इसीलिए अमित शाह ने दिल्ली में बैठक की है। अखिलेश ने कहा कि इनके पूर्व मुख्मयंत्री को जनता में अपमानित होना पड़ रहा है।
इसलिए यूपी के बाहर दिल्ली में कार्यक्रम कर रहे हैं। इस सवाल पर कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जयंत को लेकर कहा है कि उन्होंने गलत घर चुन लिया है अखिलेश ने कहा कि जयंत ने भाजपा के लिए वेस्टर्न यूपी में दरवाजे बंद कर दिए हैं। इस सवाल पर कि सपा रालोद गठबंधन में टिकट को लेकर घमासान रहा अखिलेश ने कहा कि टिकट मांगने वाले ज्यादा होते हैं तो विरोध होता है। अब सब ठीक है।
सरकार बनी तो अपराधियों पर कसेगा सख्त शिकंजा
विधानसभा चुनाव के पहले चरण पर कब्जा करने के लिये राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है और प्रचार तेज कर दिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और रालोद के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने मुजफ्फरनगर के बाद मेरठ में मीडिया से अपनी बात रखी और कहा कि इस बार सरकार बनने पर अपराधों पर नियंत्रण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा मुजफ्फरनगर के सांप्रदायिक दंगों को दोहरा कर पलायन को फिर से मुद्दा बनाने जा रही है जबकि वेस्ट यूपी ने भाजपा के पलायन की पूरी तरह से तैयारी कर ली है। दोनों नेताओं ने कहा कि किसान विरोधी नीतियां ही भाजपा को ले डूबेंगी।
होटल गॉडविन में पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की नीतियों खासकर किसान विरोधी रवैये के कारण पूरा वेस्ट यूपी त्रस्त हो गया है और पार्टी को सबक सिखाना चाहता है। उन्होंने कहा कि 2012-17 तक हमने 55 लाख परिवारों को समाजवादी पेंशन दी है। बीमा एवं पेंशन की व्यवस्था की जाएगी। नौजवानों को लैपटॉप दिया जाएगा, सपा सरकार में हमने 18 लाख लैपटॉप बांटे थे।
सपा सरकार बनने पर किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों के परिवारों लाख रुपये की आर्थिक मदद और उनके सम्मान में किसान स्मारक बनाया जाएगा। सांड़ के हमले में मारे जाने वाले लोग जिसमें अधिकतर ग्रामीण, किसान होते हैं उनके परिवारों को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। आईटी के क्षेत्र में 22 लाख रोजगार की व्यवस्था की जाएगी। पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाएगा। यश भारती सम्मान को दुबारा शुरू किया जाएगा। नगर स्तर पर अपने क्षेत्रों में अच्छा काम करने वालों को ‘नगरभारती’ सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अखिलेश और जयंत दोनों किसानों के बेटे हैं और किसानों के हक के लिए आखिरी दम तक लड़ेंगे।
मुस्लिम नेताओं को चुनाव में कम टिकट दिए जाने के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि हम हम गंगा जमुना तहजीब का आगे बढ़ा रहे हैं और नकारात्मक राजनीति को खत्म कर सकारात्मक राजनीति ला रहे हैं। पत्रकार वार्ता के दौरान अखिलेश यादव और जयंत चौधरी के अलावा सपा के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह, रालोद के जिला अध्यक्ष मतलूब गौड़ के अलावा की सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं गठबंधन प्रत्याशी गुलाम मोहम्मद, रफीक अंसारी, आदिल चौधरी, योगेश वर्मा, मनीषा अहलावत, अतुल प्रधान और शाहिद मंजूर भी मौजूद रहे।

