- ईआरपी में पंजीकृत मोबाइल नंबर पर मिलेगा एसएमएस
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: नए पेराई सत्र 2020-21 में गन्ना पर्चियां केवल एसएमएस पर्ची के रूप में गन्ना किसानों के ईआरपी में पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजी जाएंगी। साथ ही, एसएमएस पर्ची से गन्ना किसानों को गन्ना आपूर्ति करने का पर्याप्त समय मिलेगा।
जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह ने प्रदेश के आयुक्त संजय आऱ भूसरेड्डी के हवाले से बताया कि वर्तमान पेराई सत्र 2020-21 में किसानों को गन्ना पर्चियां केवल एसएमएस पर्ची के रूप में मोबाइल फोन पर भेजी जाएंगी।
क्रय केंद्रों पर प्रतिदिन होने वाली तौल की एक्नॉलाजमेंट शीट भी चस्पा की जाएगी, जिसके माध्यम से भी किसान अपनी पर्ची के विषय में जान सकेंगे। इसलिए ईआरपी पर गन्ना किसानों का सही मोबाइल नंबर पंजीकृत होना चाहिए। इसके लिए गन्ना किसान ईआरपी पर पंजीकृत अपने मोबाइल नंबर को चेक कर लें, यदि गलत है तो अपने गन्ना पर्यवेक्षक के माध्यम से अथवा ई-गन्ना एप्प के माध्यम से सवयं अपना सही मोबाइल नंबर अपडेट कर लें।
डीसीओ ने बताया कि एसएमएस इनबॉक्स भरा होने, मोबाइल स्विच आफ होने एवं डीएनडी एक्टिवेट होने की स्थिति में एसएमएस पर्ची का संदेश 24 घंटे के पश्चात स्वयं निरस्त हो जाता है, जिसके कारण किसानों को अपनी एसएमएस पर्ची की जानकारी प्राप्त नहीं हो सकेगी। इसलिए सभी किसान ससमय अपनी पर्ची प्राप्त करने के लिए अपना मोबाइल इनबॉक्स खाली रखें। मोबाइल को चार्ज करके चालू दशा में रखें।
डीएनडी को एक्टिवेट न करें ताकि सर्वर द्वारा प्रेषित पर्ची उनके मोबाइल पर उन्हें रियल टाइम में प्राप्त हो जाए। पर्ची निर्गमन की वर्तमान व्यवस्था पूर्णतया: पारदर्शी है। किसान के मोबाइल नंबर पर एसएमएस पर्ची भेजे जाने से किसान को तत्काल पर्ची प्राप्त होगी। साथ ही, समय से पर्ची मिल जाने के कारण ताजा गन्ना मिल को आपूर्ति होगा जिससे किसान गन्ने की सूख से होने वाली हानि से भी बचेंगे। कोविड-19 के प्रसार को भी प्रभावी ढंग से रोका जा सकेगा

