- तमाम कायदे कानून ताक पर रख कर किए जा रहे थे अवैध रूप से संचालित
- मदरसों के 11 हजार बच्चों को परिषदीय स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सूबे की योगी सरकार की जांच में मेरठ के 95 मदरसे अवैध पाए गए हैं। तमाम कायदे कानून ताक पर रखकर जनपद भर में अगल-अलग स्थानों पर इनका संचालन किया जा रहा था। शासन की इस कार्रवाई से जिले के तमाम मदरसा संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों ने जानकारी दी है कि सरकार की ओर से मदरसों के नाम पर मिलने वाली बड़ी रकम के लालच में भी ऐसे मदरसों का आमतौर पर संचालन किया जाता है।
वहीं, दूसरी ओर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रूहेल आजम ने जानकादी दी कि जांच में मेरठ में संचालित किए जा रहे करीब 95 मदरसे अवैध पाए गये हैं। तमाम कायदे कानून ताक पर रखकर इनका संचालन किया जा रहा था। ऐसे अवैध मदरसों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या करीब 11 हजार है। सरकार अवैध मदरसों पर कार्रवाई करेंगी, लेकिन इनमें पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं किया जाएगा। उनकी पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। पढ़ाई जारी रहेगी। सीएम योगी के आदेश के बाद इन छात्रों का सरकारी परिषदीय मसलन बीएसए के स्कूलों में दाखिल कराया जाएगा।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण ने बताया कि कि सर्वे के बाद अवैध मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि क्या कार्रवाई की जाएगी यह स्पष्ट नहीं है। इस संबंध में शासन से जिस प्रकार के आदेश प्राप्त होंगे उसके अनुरूप ही कार्रवाई की जाएगी। इनमें पढ़ रहे बच्चों का भविष्य उज्जवल बनाने के लिए सरकारी स्कलों में इनका एडमिशन होगा। अवैध मदरसों में अनौपचारिक शिक्षा छात्रों को दी जा रही थी।
शिकायतों पर तीन सिपाही लाइन हाजिर
गंभीर शिकायतें और जांच में शिकायतें सही पाए जाने पर तीन सिपाहियों को एसएसपी विपिन ताडा ने लाइन जाहिर कर दिया है। इनमें से दो सिपाही हरीश व अरुण थाना टीपीनगर व दीपक लोहिया नगर थाने का है। शनिवार को की गयी इस कार्रवाई से जिले के उन पुलिस कर्मियों में हड़कंप मचा हुआ है जो अक्सर कारगुरियों को लेकर चर्चा में रहते हैं या जो यह जानते हैं कि वो अपने थानेदार या सीओ के रडार पर हैं। उल्लेखनीय है कि तीन दिन पहले लापरवाही के चलते इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा भी लाइन हाजिर किए जा चुके हैं।

