जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: प्रदेश के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन एमओएस डॉ दयाशंकर मिश्र दयालु की उपस्थिति में गुरुवार को टूड़ियागंज स्थित राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं अस्पताल लखनऊ में 543 बच्चों का स्वर्णप्रासन संस्कार कराया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए आयुष मंत्री ने कहा कि बच्चे राष्ट्र के भविष्य हैं, इन्हीं के कन्धों पर देश का भार है। इनको शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रखना हमारी जिम्मेदारी है। आयुर्वेद ही चिकित्सा की ऐसी प्रणाली है जो बच्चों में स्वर्ण प्रासन के माध्यम से प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं होता है। बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए स्वर्ण प्रासन कराया जाना जरूरी है।
डॉ॰ दयालु ने इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए चिकित्सालय के अधीक्षक समेत जुड़े अन्य चिकित्सकों को बधाई देते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम भविष्य में निरन्तर आयोजित कराया जाय, जिससे अधिक बच्चों को स्वर्ण प्रासन की सुविधा प्राप्त हो सके। उन्होने कहा कि स्वर्ण प्रासन संस्कार आयुर्वेद से जुड़ा हुआ है, इससे होनहार बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोत्तरी होती है और कई बीमारियों से इन्हे सुरक्षा कवच प्राप्त हो जाता है। इस संस्कार की बहुत उपयोगिता है। स्वर्ण प्रासन से बच्चे स्वस्थ एवं निरोग हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि बदलते परिवेश में भावी पीढ़ी को विभिन्न बीमारियों से बचाने के लिए स्वर्ण प्रासन अति आवश्यक है।
वहीं प्रमुख सचिव आयुष लीना जौहरी ने इस अवसर अपने विचार रखते हुए कहा कि आयुर्वेद के माध्यम से बच्चों समेत आमजन मानस को स्वस्थ रखने का हर सम्भव प्रयास किया जा रहा है। आयुर्वेद प्राचीन चिकित्सा प्रणाली है। आदिकाल से मानव सेवा से जुड़ी हुई है। इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली से आमजन को अधिक से अधिक जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।