Friday, March 13, 2026
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निशात सिनेमा के मूल स्वरूप से छेड़छाड़

  • कैंट बोर्ड के अधिकारी मूंद रहे आंखें और खड़ा कर दिया अवैध निर्माण

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: आबूलेन शहर का दिल हैं। ये इलाका कैंट क्षेत्र में आता हैं। आबूलेन पर ही कभी निशात सिनेमा हुआ करता था, वर्तमान में उसमें अवैध निर्माण कर मूल स्वरूप के साथ छेड़छाड़ कर दी गयी। निर्माण भी चला, लेकिन कैंट बोर्ड के अधिकारी आंखें मूंदे रहे। ऐसा तब है जब सीबीआई लगातार कई मामलों की जांच कैंट बोर्ड के अधिकारियों की कर रही हैं। अवैध निर्माण की जांच भी सीबीआई के पास हैं। फिर भी कैंट बोर्ड के अधिकारी नहीं डर रहे हैं तथा निशात सिनेमा में अवैध निर्माण पूरा करा दिया गया हैं।

दरअसल, शहर का एक ग्रुप हैं, जो शहर के बंद पड़े तमाम सिनेमाओं को एक-एक कर खरीद रहा हैं तथा उनको तोड़कर अवैध निर्माण किये जा रहे हैं। निशात भी उनमें से एक हैं। निशात सिनेमा के आंतरिक हिस्से में तोड़फोड़ कर बदलाव कर दिया गया। अगले हिस्से में पर्दा लगा था, पीछे अवैध निर्माण चल रहा था। ये निर्माण एक दिन में पूरा नहीं हुआ, बल्कि छह माह से ज्यादा लग गए, लेकिन फिर भी कैंट बोर्ड के अधिकारियों को दिखाई नहीं दिया। निशात के मूल स्वरूप के साथ छेड़छाड़ करने वालों को नोटिस तक कैंट बोर्ड के अधिकारियों ने नहीं दिये। इसी तरह से पैलेस सिनेमा हनुमान चौक पर तोड़कर तीन मंजिली इमारत खड़ी कर दी गई हैं।

जिसको बिल्डर मानचित्र स्वीकृत होना बता रहा हैं, वो निर्धारित अवधि में निर्माण नहीं करने की दशा में निरस्त हो चुका हैं। यही नहीं, ये ग्रुप घंटाघर स्थित क्लॉक टावर का निर्माण कर फंस गया था। कॉम्प्लेक्स के निर्माण से यहां डाकघर की बिल्डिंग गिर गयी थी। इसमें देहली गेट थाने में एफआईआर भी बिल्डिर के खिलाफ हो चुकी हैं। डाकघर कीबिल्डिंग भी ये बिल्डर तैयार करके देगा, ऐसा लिखित में अनुबंध हुआ हैं। ईव्ज चौराहे पर भी इसी ग्रुप ने एक जर्जर बिल्डिंग खरीदी है, यहां भी कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा। इसको लेकर भी सुधांशु महाराज ने आपत्ति दर्ज कराते हुए प्राधिकरण में इसकी शिकायत की थी।

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