Sunday, March 15, 2026
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गृहकर: लक्ष्य का 50 फीसदी भी नहीं हुआ वसूल

  • निगम की बिगड़ सकती है अर्थव्यवस्था नगरायुक्त ने वसूली की संभाली कमान
  • बड़े बाकीदार नगरायुक्त के निशाने पर चलेगा अभियान

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: नगर निगम की अर्थ व्यवस्था गड़बड़ा गई है। इसकी वजह है गृहकर की वसूली नहीं हो पाना। बाकीदारों की लंबी सूची है, मगर वसूली नहीं हो पा रही है। अर्थ व्यवस्था बिगड़ी तो इसका असर नगर निगम के विकास कार्यों पर भी पड़ना लाजिमी है। मार्च तक शत प्रतिशत गृहकर वसूली का लक्ष्य कर्मचारियों को दिया गया है, मगर कर्मचारी गृहकर वसूली में रुचि नहीं दिखा रहे हैं, जिसके चलते अर्थव्यवस्था कमजोर हो रही है। निर्धारित गृहकर वसूली का लक्ष्य पचास फीसदी भी पूरा नहीं किया जा सका। इसी को लेकर नगरायुक्त भी परेशान है। दरअसल, गृहकर ही निगम की आय का प्रमुख स्रोत है। जलकल में भी वसूली का कुछ वैसा ही हाल है।

वित्तीय वर्ष 2020-21 में नगर निगम को गृहकर का लक्ष्य लगभग 49 करोड़ रुपये हैं, जिसके सापेक्ष 50 फीसद भी गृहकर वसूली नहीं हुई है, जबकि वित्तीय वर्ष के चार महीने ही शेष हैं। अर्थात नगर निगम अधिकारियों के पास समय बहुत कम है। यह कोरोना महामारी का असर बताया जा रहा है।

स्थिति ये है कि माल, कॉम्प्लेक्स, बड़े संस्थानों से गृहकर वसूली नहीं हो पा रही है। कर विभाग की ओर से बड़े बकायेदारों की सूची तैयार की गई है। नगर आयुक्त मनीष बंसल ने कर निर्धारण अधिकारियों व कर अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि वह गृहकर वसूली के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में काम करें।

हालांकि अभी कैंपों का आयोजन शुरू नहीं हुआ है। आनलाइन गृहकर वसूली पर जोर नहीं दिया जा रहा है। भवन स्वामियों के मोबाइल नंबर निगम नहीं जुटा पाया है। जिससे भवन स्वामियों को आनलाइन बिलों का वितरण भी नहीं हो पा रहा है। महत्वपूर्ण बात ये है कि नगर निगम का कर विभाग 90 फीसद बिलों के वितरण का दावा कर रहा है, मगर वास्तविकता ये है कि लोगों के घरों पर बिल पहुंच नहीं रहे हैं।

नवंबर माह की समीक्षा में गृहकर वसूली अत्यधिक कम पायी गई है। नगर निगम के गृह विभाग को नगरायुक्त ने निर्देश दिये है कि शहर के जो बड़े बाकीदार है, उनसे वसूली का एक अभियान चलाया जाए, तभी गृहकर शतप्रतिशत वसूल किया जा सकता है। अब देखना है कि निगम अफसरों की रणनीति कितनी कारगर साबित होगी। बड़े बाकीदारों पर शिकंजा कसा जा सकता है या फिर नहीं।

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