जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पंजाब में अपनी मांगों को लेकर रोडवेज और पीआरटीसी के कच्चे कर्मचारी सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। हड़ताल से राज्य की 2000 रोडवेज बसों के संचालन पर पूरी तरह से ब्रेक लग गया है। कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर रात बारह बजे से ही बसों को बस स्टैंड में बंद कर अपनी हड़ताल शुरू कर दी थी। इस हड़ताल कारण रोजाना सफर करने वाले नौकरी पेशा लोगों को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
कई लोगों को इस हड़ताल के बारे में पता न होने के कारण वे रोजाना की तरह सोमवार को बस स्टैंड पहुंच गए थे। हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों ने पक्के कर्मचारियों से आंदोलन में सहयोग करने की अपील की है। इधर, परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कच्चे और पक्के कर्मचारियों की भिड़ंत की आशंका जताई है और नौ जिलों के प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है।
पंजाब में रोडवेज और पीआरटीसी के कच्चे कर्मचारी काफी समय से पक्के करने की पंजाब सरकार से मांग करते आ रहे हैं लेकिन अभी तक यह पूरी नहीं हो पाई है। इसके कारण कच्चे कर्मचारियों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की घोषणा की थी।
इधर, परिवहन विभाग ने हड़ताल से राज्य में परिवहन व्यवस्था बाधित नहीं होने का दावा किया है। विभागीय अधिकारियों ने नौ जिलों पटियाला, संगरूर, बरनाला, लुधियाना, कपूरथला, मानसा, मोहाली, बठिंडा और फरीदकोट के डिप्टी कमिश्नरों को पत्र भेज संबंधित जिलों के बस अड्डों की सुरक्षा की मांग की थी। उन्होंने आशंका जताई थी कि हड़ताल के दौरान पंजाब रोडवेज, पनबस, पीआरटीसी संविदा कर्मचारी संघ बस सेवा को बाधित करने का प्रयास करेगा और उन कर्मचारियों और पर्यवेक्षी कर्मचारियों के साथ झगड़ा करेगा जो बस सेवा बहाल रखना चाहते हैं।
निजी बस संचालकों की रहेगी चांदी
पंजाब सरकार और पंजाब रोडवेज संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से निजी बस ऑपरेटर और बाहरी राज्यों की बसों को काफी फायदा मिलेगा। हड़ताल के कारण पंजाब की सड़कों से करीब 2000 सरकारी बसें बंद हैं। जालंधर से दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार तक बसों का संचालन करने वाला निजी बस माफिया हड़ताल का फायदा उठा रहे हैं।

