जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पीएम मोदी ने कहा, मैं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, देश के गृहमंत्री अमित शाह जी, NDRF के अफसरों के निरंतर संपर्क में हूं। वहां पर राहत और बचाव का कार्य चल रहा है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। उन्होंने कहा, आज हम मां गंगा के एक छोर पर हैं, लेकिन जो मां गंगा का उद्गम स्थल है, वो राज्य उत्तराखंड इस समय आपदा का सामना कर रहा है।
एक ग्लेशियर टूटने की वजह से वहां नदी का जलस्तर बढ़ गया है। नुकसान की खबर है। उत्तराखंड में ऐसे परिवार मुश्किल से मिलते हैं जिनका कोई न कोई सदस्य फौज में न हो। यानि वहां के लोगों का हौसला, किसी भी आपदा को मात दे सकता है। उत्तराखंड के साहसी लोग के लिए मैं प्रार्थना कर रहा हूं, बंगाल प्रार्थना कर रहा है, देश प्रार्थना कर रहा है।
डीजी ITBP सुरजीत सिंह देसवाल ने कहा, ऋषिकेश से 13-14 किलोमीटर की दूरी पर तपोवन डैम है, जहां पर पानी इकट्ठा हुआ है। तपोवन डैम के सुरंग में काम चल रहा था जिसमें 20-25 लोग फंसे हुए हैं। ITBP की टीम वहां बचाव कार्य कर फंसे हुए लोगों को बचाने का काम कर रही है।
उत्तराखंड के डीजीपी ने कहा, श्रीनगर से अब नदी का बहाव सामान्य हो गया है। देवप्रयाग और निचले इलाक़ों के लोगों के लिए अब ख़तरे की बात नहीं है। पुलिस राहत बचाव तेज़ी से कर रही है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, उत्तराखंड के जोशीमठ के पास ग्लेशियर टूटने से उस क्षेत्र में हुए भारी नुकसान के समाचारों से बहुत चिंता हुई है। मैं लोगों की सुरक्षा और सेहत के लिए प्रार्थना करता हूं। मुझे विश्वास है कि मौके पर राहत एवं बचाव कार्य पूरी तैयारी से चलाए जा रहे हैं।
उत्तराखंड के जोशीमठ के पास ग्लेशियर टूटने से उस क्षेत्र में हुए भारी नुकसान के समाचारों से बहुत चिंता हुई है। मैं लोगों की सुरक्षा और सेहत के लिए प्रार्थना करता हूं। मुझे विश्वास है कि मौके पर राहत एवं बचाव कार्य पूरी तैयारी से चलाए जा रहे हैं।
— President of India (@rashtrapatibhvn) February 7, 2021
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि नदी के बहाव में कमी आई है जो राहत की बात है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। रावत ने ट्वीट किया, ”मैंने अपने सभी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है और स्थिति का सीधे तौर जायजा लेने के लिए प्रभावित क्षेत्र में पहुंच गया हूं। सरकार के सभी स्तरों पर चमोली जिला प्रशासन की मदद की जा रही है। घबराने की कोई बात नहीं है। मैं सभी से अफवाहों पर यकीन नहीं करने की अपील करता हूं।”
आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक कुमार पांडे ने दिल्ली में कहा, तपोवन के परियोजना स्थल प्रभारी तथा स्थानीय प्रशासन के मुताबिक बैराज पर काम कर रहे 100 से ज्यादा लोगों और एक सुरंग में काम कर रहे 50 से अधिक लोगों के मारे जाने या लापता होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि अभी बचाव काम में आईटीबीपी के 250 से अधिक जवान लगे हैं। पांडे ने कहा कि सुरंग में करीब 16-17 श्रमिक सुरक्षित हैं और उन्हें बचाने के लिए बचाव दल मलबा हटा रहे हैं।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने उत्तराखंड के चमोली में हिमखंड टूटने के कारण अचानक आई बाढ़ की स्थिति पर दुख व्यक्त किया और कहा कि राज्य सरकार सभी पीड़ितों को तुरंत सहायता मुहैया कराये और कांग्रेस कार्यकर्ता भी राहत कार्य में हाथ बटाएं। राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ”चमोली में ग्लेशियर फटने से बाढ़ त्रासदी बेहद दुखद है। मेरी संवेदनाएँ उत्तराखंड की जनता के साथ हैं।” उन्होंने कहा, ”राज्य सरकार सभी पीड़ितों को तुरंत सहायता दे। कांग्रेस साथी भी राहत कार्य में हाथ बटाएँ।”
चमोली में ग्लेशियर फटने से बाढ़ त्रासदी बेहद दुखद है। मेरी संवेदनाएँ उत्तराखंड की जनता के साथ हैं।
राज्य सरकार सभी पीड़ितों को तुरंत सहायता दें। कांग्रेस साथी भी राहत कार्य में हाथ बटाएँ।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 7, 2021
गृह मंत्री अमित शाह ने बताया, NDRF की 3 टीमें वहां पहुंच गई हैं, बाकी टीमें दिल्ली से रवाना होने के लिए तैयार हैं। मेरी मुख्यमंत्री से बात हुई वो रास्ते में हैं. वायुसेना को बचाव कार्य में लगाने की पूरी तैयार कर ली है। हादसे के लिए जितनी मदद की जरूरत है वो मदद केंद्र सरकार उत्तराखंड सरकार को देगी।
इस कठिन समय में मोदी सरकार उत्तराखंड की जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
NDRF, ITBP और SDRF की टीमें वहां पहुंच गई हैं, वायुसेना को भी अलर्ट पर रखा गया है।
देवभूमि में जानमाल का नुकसान कम से कम हो और वहाँ की स्थिति यथाशीघ्र सामान्य हो यह हमारी प्राथमिकता है। pic.twitter.com/U74OHzHSWL
— Amit Shah (@AmitShah) February 7, 2021
उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने से उत्पन्न हुई परिस्थितियों के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को उत्तर प्रदेश के संबंधित विभागों और अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार योगी ने कहा कि हर पहलू पर पूरी मुस्तैदी और नज़र रखी जाए। उन्होंने राज्य आपदा मोचन बल को भी मुस्तैद किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने गंगा नदी के किनारे पड़ने वाले सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को भी पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
देवभूमि उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने से उत्पन्न हुई आपदा में अनेक नागरिकों के कालकवलित होने की सूचना से मन दुखी है।
प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति, शोकसंतप्त परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति व घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 7, 2021
बसपा सुप्रीमो ने भी उत्तराखंड के चमोली में हिमखंड टूटने के कारण अचानक आई बाढ़ की स्थिति पर दुख व्यक्त किया है। केंद्र सरकार से आपदा से निपटने में राज्य सरकार की हर प्रकार की सहायता करने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश के पड़ोसी राज्य उत्तराखण्ड के चमोली जिले में एवलांच अर्थात हिमस्खलन के बाद निचले कई इलाकों में हुई भारी जान-माल की तबाही की खबर अति-दुःखद। केन्द्र इस आपदा से निपटने में राज्य सरकार की हर प्रकार की सहायता तत्काल सुनिश्चित करे, बीएसपी की यह माँग।
— Mayawati (@Mayawati) February 7, 2021

