- अब तक 14 जा चुके हैं जेल, पुलिस खंगाल रही जड़ें
- सेवानिवृत कर्मचारी को अब भी दफ्तर में रखे हुए था डीएसओ
वरिष्ठ संवाददाता |
सहारनपुर: रिफाइनरी की पाइप लाइन में सेंध लगाकर डीजल और पेट्रोल की चोरी करने के मामले में पुलिस ने अब तक कुल 14 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसमें मुजफ्फरनगर के जिस जिला आपूर्ति अधिकारी (डीएसओ) बीके शुक्ला को गिरफ्तार किया गया है, वह पूर्व में जनपद शाहजहांपुर में भी करप्सन के आरोप में जेल जा चुका है। फिलहाल, शुक्ला के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस इस मामले में और ज्यादा गहराई से छानबीन कर रही है।
बता दें कि आईओसीएल (इंडियन आॅयल कारपोरेशन लिमिटेड) के अधिकारियों ने पुलिस महानिदेशक उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड से पानीपत रिफाइनरी की पाइप लाइन से तेल चोरी होने की शिकायत पूर्व में ही की थी। इसके बाद सहारनपुर के एसएसपी ने इस मामले को गंभीरता से सिया। एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि पाइप लाइन से चोरी पेट्रोल और डीजल को मुजफ्फरनगर भोपा क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे एक पेट्रोल पंप पर बेचा जा रहा था।
इस बात की पक्की सूचना होने पर एसपी देहात और नकुड़ क्षेत्राधिकारी तथा सरसावा पुलिस ने संयुक्त प्रयास कर पूरे गैंग पर शिकंजा कस दिया। पुलिस ने डीएसओ मुजफ्फरनगर के निजी चालक श्रीराम कन्नौजिया को गिरफ्तार किया। श्रीराम डीएसओ कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था और गत जून माह में रिटायर हुआ था। एसएसपी के अनुसार श्रीराम ने पुलिस पूछताछ में बताया कि अवैध रूप से पेट्रोल पंप चलवाने के लिए डीएसओ 30 हजार रुपये महीना ले रहे थे। इसके बाद पुलिस ने डीएसओ पर शिकंजा कस दिया।
कल देर शाम डीसओ को लाखनौर के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले इस गिरोह के 12 लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस जेल भेज चुकी है। अब डीएसओ तथा प्रीतम नाम के एक व्यक्ति को पुलिस ने और गिरफ्तार कर लिया। इस गिरोह ने पिछले दो सालों में वेस्ट यूपी और उत्तराखंड में पेट्रोल-डीजल चोरी की 16 घटनाओं का अंजाम दिया और उनमें करीब एक लाख लीटर डीजल और पेट्रोल चोरी किया था।
गिरोह के सदस्यों के पास तेल ढोने वाले टैंकर, ट्रैक्टर, लग्जरी कारें और पाइप लाइन में सेंध लगाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी हैं। फिलहाल, कप्तान के निर्देश में की गई इस कार्रवाई से सरकारी अमले में हड़कंप मचा है। एसएसपी के हवाले से एसपी सिटी राजेश कुमार ने पत्रकार वार्ता में बताया कि डीएसओ ब्रजेश शुक्ला पूर्व में भी करप्सन के आरोप में जेल जा चुका है। इसका रिकार्ड खराब है। यह रिटायर्ड चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी श्रीराम को अब भी अपने कार्यालय में पूर्व की भांति रखे हुए था।

