Wednesday, April 22, 2026
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तीन सीटों पर महिला प्रत्याशी उतार सकती है कांग्रेस

  • सदर सीट, रामपुर और देहात विधानसभा सीट पर चल रहा मंथन
  • सुखविंदर कौर, मधू सहगल और उमा भूषण का नाम चर्चाओं में

अवनीन्द्र कमल |

सहारनपुर: भारतीय राजनीति के पाठ्यक्रम को बदलने की गरज से कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा का यूपी के भावी चुनाव में चालीस फीसद टिकट महिलाओं को दिए जाने का फैसला कितना असरकारी होगा, यह तो वक्त बताएगा। फिलवक्त, पार्टी के लिए महिला प्रत्याशियों का चयन अहम बात होगी।

इसके लिए आवेदन लिए जा चुके हैं। सहारनपुर में कमसे कम तीन सीटों पर कांग्रेस महिला प्रत्याशी उतारने जा रही है। ऐसे में यहां का चुनाव बेहद दिलचस्प होगा।

यह बताने की जरूरत है कि यूपी के वोटरों में 45 फीसद भागीदारी आधी आबादी की है। इस बडेÞ राज्य के 14.61 करोड़ मतदाताओं में 6.70 करोड़ महिला मतदाता हैं। कांग्रेस की यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी का इस बार दांव इन्हीं महिलाओं पर है। इसीलिए कांग्रेस ने नारा दिया है कि-लड़की हूं, लड़ सकती हूं..

बहरहाल, अगर लोकसभा चुनावों का ट्रेंड देखें तो महिलाएं पुरुषों की तुलना में ज्यादा वोट करती आई हैं। और यदि टिकट देने की बात करें तो ज्यादा नहीं, पिछले चुनाव में यानि कि 2017 में भाजपा ने 46 महिला उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा था। इस दफा सपा ने 34 तो बसपा ने कुल 21 महिलाओं को टिकट दिया था। कांग्रेस ने सिर्फ 12 महिलाओं को अपना उम्मीदवार बनाया था।

इनमें 41 महिलाएं विधायक तो बन पाईं पर पूर्ण बहुमत से सत्ता पर काबिज भाजपा सरकार में इस वक्त एक भी महिला कैबिनेट मंत्री नहीं है। दिलचस्प ये है कि यूपी की चुनावी बिसात पर कांग्रेस ने पहला दांव महिलाओं को लेकर चला है। लेकिन, दिक्कत ये है कि कांग्रेस में महिलाएं कहां तक सक्रिय हैं। कितनी सक्रिय हैं। कुल 403 सीटों पर कांग्रेस अपने प्रत्याशी तो उतारेगी किंतु इनमें से चालीस फीसद महिलाओं को उसे ढूंढना ही पड़ेगा।

संगठनात्मक रूप से कमजोर कांग्रेस के लिए यह किसी बड़ी मुश्किल से कम नहीं है। अब अगर सहारनपुर के संदर्•ा में बात करें तो यहां कमसे कम तीन महिलाओं को प्रत्याशी बनाया जाना लगभग तय है। राजनीति के जानकारों का कहना है कि सदर सीट पर कांग्रेस पूर्व सभासद सुखविंदर कौर पर दांव लगा सकती है। सुखविंदर, वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस के पुराने सिपाही रहे चंद्रजीत सिंह निक्कू की पत्नी हैं।

कांग्रेस की प्रतिज्ञा यात्रा में उनका मुखर होकर आगे आना इसी का संकेत दे रहा है। यही नहीं, सुखविंदर के पति चंद्रजीत सिंह लगातार सक्रिय हैं। वह भाजपा को विभिन्न मुद्दों पर घेरने के साथ विपक्ष की सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। निक्कू भी पार्षद हैं और मध्यवर्गीय और निम्नमध्यवर्गीय वोटरों में अच्छी पकड़ रखते हैं।

सियासी टीकाकारों का कहना है कि कांग्रेस रामपुर मनिहारान सीट पर भी महिला प्रत्याशी उतारने के मूड में है। यहां से प्रबल दावेदारी मधू सहगल एडवोकेट की है। एक-दो और महिलाएं भी इस ,सीट पर दावेदारी कर रही हैं। इसी तरह देहात सीट भी है। हालांकि, इस सीट को लेकर संशय की स्थिति है।

दरअसल, देहात सीट से वर्तमान में मसूद अख्तर कांग्रेस के विधायक हैं। जैसा कि माना जाता है कि मसूद अख्तर कांग्रेस के दिल्ली प्रभारी व वरिष्ठ नेता इमरान से बाहर नहीं जाएंगे। अगर इमरान किसी और पार्टी का रुख करते हैं तो मसूद अख्तर का जाना तय है। इस स्थिति में कांग्रेस से उमा भूषण को चुनाव लड़ाया जा सकता है। बहरहाल, महिला सीटों को लेकर विपक्षी दलों में भी माथापच्ची तेज हो गई है।

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