
साल 2024 में होने वाले आम चुनाव को लेकर देश की राजनीति में लगतार सक्रियता बनी हुई है। संसद के बजट सत्र में विपक्ष ने सरकार को घेरने की पूरी कोशिश की। विपक्ष विशेषकर कांग्रेस ने अडाणी मामले में सरकार की मुश्किलें बढ़ाने का काम किया। संसद से सड़क तक विपक्ष ने सरकार को घेरता दिखाई दिया।सरकार और विपक्ष के आपसी खींचतान के चलते संसद का बजट सत्र हंगामेदार रहा और कार्रवाई नाममात्र की ही हो पाई। लोकसभा चुनाव को लेकर विपक्ष में आपसी एकता को लेकर मंथन हो रहा है। लेकिन अभी तक विपक्ष की एकता को लेकर कोई आम सहमति या समझ नहीं बन पाई है। इस सारी कवायद के बीच बीच उस विपक्षी एकता की परिकल्पना को एक झटका लगा है। एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने अडानी मामले में ऐसा स्टैंड लिया है जो कांग्रेस और कई दूसरे दलों से विपरीत है। उस एक स्टैंड ने विपक्षी एकता वाली मुहिम को झटका दिया है।