मुख्य संवाददाता |
बागपत: बिजली के दामों में एक बार फिर इजाफा होने जा रहा है। भाजपा के कार्यकाल में लगातार बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी हो रही है, जिससे आमजन के बीच भी आक्रोश है।
पिछले दिनों नलकूपों का भार भी बढ़ा दिया गया। बिजली कर्मचारियों व उपभोक्ताओं के बीच तनाव भी बना हुआ है। अब बिजली महंगी कर उपभोक्ताओं को फिर से जोर का झटका धीरे से देने की तैयारी हो गई है। बिजली के बढ़ते दामों पर विपक्ष भी भाजपा को घेरने से पीछे नहीं हट रहा है।

भाजपा ने जब से प्रदेश की सत्ता की कुर्सी संभाली है तभी से बिजली के दामों में लगातार बढ़ोत्तरी की जा रही है। इस बार छोटे उपभोक्ताओं पर अधिक भार डालकर सरकार उनकी जेब ढीली करना चाहती है। पहले 12 प्रतिशत तक वृद्धि की थी। इस बार फिर बढ़ोत्तरी की जा रही है। सरकार बिजली पर बढ़ती महंगाई नहीं रोक सकती है तो फिर सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है। भाजपा हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है।
-सुभाष गुर्जर, ब्लॉक प्रमुख एवं रालोद नेता

भाजपा के राज में किसान से लेकर आमजन तक सभी परेशान है। बिजली के दामों को लगातार बढ़ाया जा रहा है। किसानों के नलकूपों के चार्ज कभी भी बढ़ा दिए जाते हैं। घरेलू बिजली से गरीब, किसान, मजदूरों की जेब ढीली करने की योजना हर साल परवान चढ़ा दी जाती है। सरकार को आमजन की चिंता नहीं है। घोषणा पत्र में कुछ था और अब धरातल पर कुछ ओर परिणाम सामने है। बिजली के दाम बढ़ाकर महंगाई की ओर जनता को धकेला जा रहा है। यही हाल रहा तो बिजली प्रयोग करना ही जनता
भूल जाएगी।
-शौकेंद्र तोमर, सपा नेता एवं अर्जुन अवार्डी पहलवान

भाजपा के कार्यकाल में किसानों को गन्ने का भुगतान समय पर नहीं हो रहा है और अगर बिजली बिल समय पर नहीं दिया जाता है तो उस पर ब्याज लगा दिया जाता है। अब किसानों के बारे में सोचा भी नहीं और नलकूपों की हॉर्स पावर बढ़ा दी। जिससे किसानों पर भार पड़ेगा। घरेलू बिजली को भी इसी तरह से हर साल बढ़ा दिया जाता है। यह सरकार की विफलता को दर्शाता है। आमजन पर इस बार बिजली का भार डालकर सरकार अपनी जनविरोधी नीति का परिचय दे रही है।
-रविंद्र यादव, सपा नेता

भाजपा के कार्यकाल में हर दिन महंगाई बढ़ती जा रही है। कोरोना काल में हर वर्ग मुश्किल दौर से गुजर रहा है। ऐसे में अगर महंगी बिजली उन पर थोपी जाएगी तो कैसे गुजारा होगा? छोटे उपभोक्ताओं पर इस बार सबसे अधिक भार डाला जा रहा है, जोकि सरकार का जनविरोधी फैसला है। सरकार गरीब, किसान, मजदूरों को भुखमरी की कगार पर पहुंचाने की ओर कदम बढ़ा रही है। सरकार पर महंगाई नहीं रूक रही है तो वह इस्तीफा दे दे।
-सतीश चौधरी, रालोद नेता एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य

बागपत जनपद में पहले ही नलकूपों पर अतिरिक्त हॉर्स पावर का बोझ किसानों पर है। अब सरकार ने प्रदेश में घेरलू बिजली को महंगा करने की तैयारी कर ली है। जोकि गरीब जनता की जेब पर ढाका ही कहलाएगी। क्योंकि पहले ही महंगी बिजली कर दी गई थी। सबसे अधिक महंगी बिजली यहां के निवासी खरीद रहे हैं। दूसरे प्रदेशों में इतनी महंगी बिजली नहीं है। भाजपा यहां की जनता को महंगाई के दलदल में धकेलकर उन्हें भुखमरी की कगार पर पहुंचाने में लगी है। सरकार की जनविरोधी नीतियां सामने आ रही हैं।
-ओमवीर ढाका, वरिष्ठ नेता रालोद

