Sunday, February 15, 2026
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युवक की हत्या से भड़की भीड़, आरोपियों के घरों में आगजनी

  • बीच बचाव में आए चाचा को भी हमलावरों ने किया घायल
  • आईजी, एसएसपी और एसपी सिटी कई थानों की फोर्स के साथ पहुंचे दुल्हैड़ा गांव

जनवाणी संवाददाता |

मोदीपुरम: पल्लवपुरम थाना क्षेत्र के दुल्हैड़ा गांव में सनसनीखेज घटनाक्रम में एक युवक की हत्या कर दी। आक्रोशित भीड़ ने हत्यारोपियों के दो घरों में आग लगा दी। जिससे भीड़ बेकाबू हो गई। वाल्मीकि समाज के लोगों के साथ दूसरे समाज के लोगों ने मारपीट भी की।

जिसके बाद वाल्मीकि समाज और ठाकुरों के टकराव पैदा हो गया। आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए, लेकिन पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया। हत्या से गांव में तनाव उत्पन्न हो गए। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

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गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस ने पुलिस बल तैनात कर दिया। हत्या होने पर गांव में आईजी प्रवीण कुमार, एसएसपी रोहित सजवाण और एसपी सिटी पीयूष कुमार पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से घटना की जानकारी ली और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।

शव जब गांव पहुंचा तो उत्तेजित ग्रामीणों ने शव को घर के बाहर रख दिया और आरोपियों को फांसी की सजा और पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने की मांग की गई। हालांकि बाद में ग्रामीण अधिकारियों के समझाने के बाद माने और शव का अंतिम संस्कार किया। ठाकुर समुदाय का युवक 35 वर्षीय दीपक चौहान अपने घर के बाहर कुछ दोस्तों के साथ खड़ा था।

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इसी बीच वाल्मीकि समाज का युवक रितिक उर्फ चोटी शराब के नशे में धुत होकर वहां पहुंचे और उन पर छींटाकसी करने लगा तो दीपक ने उसे यहां से जाने के लिए कह दिया। तब तो रितिक वहां से चला गया, लेकिन थोड़ी देर बााद रितिक उर्फ चोटी अपने साथी संदीप उर्फ भोलू के साथ चाकू लेकर दोबारा से वहां पहुंच गया और शराब के नशे में दीपक के घर में घुसकर दीपक की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी।

इसी बीच में दीपक के चाचा बीर सिंह बीच बचाव में आए तो दोनों हमलावरों ने उन पर भी हमला कर दिया। आरोपी वहां से फरार हो गए। परिवार के लोग दीपक को प्राइवेट अस्पताल में लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दीपक की हत्या करने के विरोध में ग्रामीण एकत्रित हो गए और आरोपियों के घर में आगजनी कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस बल भी वहां पहुंच गया। किसी तरह ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया।

गांव में पहुंच आईजी और एसएसपी

गांव में दीपक की मौत के बाद तनाव बढ़ता देख आईजी प्रवीण कुमार एवं एसएसपी ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। गांव में ग्रामीणों का आरोप था कि आरोपी ने दुस्साहस तरीके से घटना को अंजाम दिया। उनके घर पर बुलडोजर चलाया जाए और कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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गांव में शराब भी बिक रही है। उसका भी विरोध किया जाए दोनों अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। रितिक उर्फ चोटी के खिलाफ हत्या, लूट, जानलेवा हमला के छह और संदीप के खिलाफ हत्या का एक मुकदमा दर्ज है।

आपराधिक किस्म का है रितिक उर्फ चोटी

दुल्हैड़ा गांव में दीपक की हत्या को अंजाम देने वाला रितिक उर्फ चोटी आपराधिक किस्म का है। जिस पर आधा दर्जन से अधिक विभिन्न थानों में मुकदमें दर्ज है। जो शराब पीने का आदी है और आए दिन लूटपाट की वारदात को अंजाम देता रहता है।

इसके अलावा उसका साथी संदीप उर्फ भोलू भी शातिर किस्म का है। जिसने कई लूट चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। लगातार अपराध को अंजाम देने वाले दोनों आरोपियों के खिलाफ अब तक पुलिस ने कोई भी कार्रवाई नहीं की है। जिसके चलते इनके हौसले बुलंद हो रहे थे।

फायर ब्रिगेड बुलाकर बुझाई आग

दुल्हैड़ा गांव में दीपक की मौत के बाद आरोपी के घर में आग लगाने के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी को बुलाना पड़ा लगभग एक घंटे तक मशक्कत करने के बाद दो फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने आग पर काबू पाया।

भाजपा नेत्री को किया नजरबंद

शव उठाने की कड़ी मशक्कत भी आखिरकार पुलिस के काम नहीं आई क्योंकि हिंदू संगठनों से ताल्लुक रखने वाली नेत्री मीनाक्षी चौहान जब ग्रामीणों के बीच पहुंची तो ग्रामीणों में जोश भर गया। बताया गया कि पुलिस ने दिनभर मीनाक्षी चौहान को नजरबंद किए रखा था, लेकिन गांव की महिलाएं उसे किसी तरह मृतक के घर ले आई।

ग्रामीण और मृतक के परिवार के सदस्य मान भी गए थे, लेकिन मीनाक्षी चौहान के उग्र रूप को देखकर ग्रामीणों ने पुलिस की बात मानने से इनकार कर दिया, क्योंकि मीनाक्षी चौहान परिवार के सदस्यों की जो मांग प्रशासन के समक्ष रखी थी उसे तुरंत पूरा करने की मांग कर रही थी। पुलिस इस बात को समझ नहीं सकी और देर रात तक पुलिस को सफलता हाथ नहीं लगी।

पुलिस की सूझबूझ न होती तो शायद बड़ा हादसा होता

अगर पुलिस की सूझबूझ न होती तो शायद बड़ा बवाल हो जाता। क्योंकि दीपक की हत्या के बाद ग्रामीण आक्रोशित थे। ग्रामीणों ने आरोपियों के घर आगजनी की अगर आरोपी घर में मिल जाते तो ग्रामीण कुछ भी कर सकते थे। एसपी सिटी पीयूष कुमार और सीओ दौराला आशीष शर्मा एवं थाना प्रभारी अवनीश अष्टवाल मयफोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। जिसके चलते हालात पर काबू पा लिया गया।

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