- लोक निर्माण विभाग की तीन सदस्यीय टीम ने किया डाकघर का निरीक्षण
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: घंटाघर के निकट स्थित मुख्य डाकघर में टंकी की पाइप लाइन के फटने एवं काम्पलेक्स में बेसमेंट तैयार होने के दौरान डाकघर में जो दरारें आई जिसके चलते आधी बिल्डिंग के कभी भी गिरने का खतरा बना हुआ है। कॉम्प्लेक्स के डवलपर एवं निगम के खिलाफ लापरवाही बरतने का मुकदमा पंजीकृत होने के बाद अब डीएम के निर्देश पर जर्जर दीवार एवं भवन को गिराने की कवायद शुरू हो गई है।
घंटाघर स्थित मुख्य डाकघर के अधीक्षक एसके शर्मा के द्वारा डाकघर की जर्जर दीवार को लेकर तमाम आलाधिकारियों को पत्र लिखे अब उन पर धीरे-धीरे संज्ञान लिया जाने लगा है। डाक विभाग के भवन में टंकी की पाइप लाइन के फटने एवं कॉम्प्लेक्स निर्माण के दौरान जो बेसमेंट तैयार किया जा रहा है। उसकी वजह से एक दिन में दरार नहीं आई बल्कि कई महीने से समस्या बनी हुई थी। डाक अधीक्षक के शिकायती पत्रों पर यदि समय रहते संज्ञान लिया जाता तो डाकघर भवन की बिल्डिंग को इतना नुकसान न होता जितना अब हुआ है।
डाकघर को कुछ दिनों के लिये अस्थाई रूप से दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ा। फिलहाल सामान तो सिफ्ट करने की कार्रवाई चल रही है, लेकिन कुछ कर्मचारी अब भी डर के माहौल में कामकाज कर रहे हैं। वहीं, मामले में कॉम्प्लेक्स के डवलपर एवं टंकी की फटी पाइप लाइन को ठीक नहीं करने के चलते दोनों के खिलाफ डाक विभाग के द्वारा मुकदमा भी पंजीकृत कराया गया। कागजी कार्रवाई में तो डाक विभाग के द्वारा दोनों के खिलाफ कार्रवाई कर दी गई, लेकिन जर्जर भवन को कैसे गिराया जाये उसका खर्चा कौन वहन करेगा और
जर्जर दीवार से कोई बड़ा हादसा न हो उसके लिये भी डाक विभाग के अधीक्षक ने नगरायुक्त अमितपाल शर्मा, डीएम दीपक मीणा, एसएसपी रोहित सिंह सजवाण, पीडब्ल्यूडी विभाग, विद्युत निगम एवं शासन को पत्र लिखे जिन पत्रों का असर अब कुछ धीरे-धीरे दिखने लगा है। डाक विभाग का मानना है कि ज्यादातर मामले में लापरवाही नगर निगम की रही जिसके चलते नगर निगम को जो पत्र लिखा गया था उसके एवं डीएम को भेजे गये पत्रों के बाद डीएम के निर्देश पर कार्रवाई शुरू हो गई। जिसमें निगम के मुख्य अवर अभियंता के द्वारा लोकनिर्माण विभाग को पत्र लिखा गया।

जिसके बाद मंगलवार को स्वयं नगरायुक्त एवं लोक निर्माण विभाग की तीन सदस्यीय जांच टीम मौके पर स्थलीय निरीक्षण को पहुंची। लोकनिर्माण विभाग से अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग, अवर अभियंता लोक निर्माण विभाग शामिल रहे। जांच टीम ने स्थलीय निरीक्षण में दीवार को ही जर्जर नहीं पाया बल्कि डाकघर के काफी भाग को दरारों के चलते जर्जर होना बताया और उसके ध्वस्तीकरण की रिपोर्ट तैयार की। वहीं चर्चा है कि स्थलीय जांच के लिये नगरायुक्त मौके पर तो पहुंचे, लेकिन गाड़ी में ही बैठकर निरीक्षण किया।
वहीं, डाक अधीक्षक ने बताया कि जर्जर दीवार के निकट विद्युत ट्रांसफार्मर एवं पोल लगा है, जोकि दीवार गिरने के दौरान जद में आ सकते हैं। जिसके चलते बड़ा हादसा हो सकता है। इस संबंध में भी उन्होंने तमाम आलाधिकारियों को पत्र लिखा है। वहीं, डाकघर में आई दरारें और उनकी समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित करने पर जनवाणी का भी विशेष आभार जताया।
बोले-जो काम उनके तमाम शिकायती पत्रों पर संभव नहीं था व जनवाणी द्वारा जो बेबाकी से उनकी समस्या को उठाया गया। उसके चलते अधिकारियों ने गंभीरता से संज्ञान लिया। जब कोई बड़ा हादसा होता है तो बडेÞ अधिकारी बच जाते हैं और छोटे कर्मचारियों पर गाज गिरती है। यह समाचार पत्र के द्वारा बेबाकी से लिखा। नगर निगम ढुलमुल रवैया अपनाये हुये था मंगलवार को निगम के मुख्य अवर अभियंता नगर निगम की रिपोर्ट पर ही जांच टीम स्थलीय निरीक्षण को पहुंची।
नजदीकी पोस्ट आफिस में मिलेंगी सुविधाएं
नगर निगम द्वारा घंटाघर स्थित मेरठ सिटी प्रधान डाकघर के क्षतिग्रस्त हिस्से को ध्वस्त करवाने का कार्य शुरू किया जाएगा। इसी क्रम में मेरठ सिटी प्रधान डाकघर के समस्त कार्य को अस्थायी रूप से मेरठ कैंट प्रधान डाकघर के प्रांगण में स्थित बिल्डिंग में स्थानांतरित किया जा रहा हैं। वरिष्ठ डाक अधीक्षक ने कहा कि वे डाक विभाग से सहकार्य करे तथा डाकघर से संबंधित किसी भी सेवा का लाभ उठाने हेतु मेरठ सिटी प्रधान डाकघर के आसपास स्थित अन्य डाकघर जैसे कि थापर नगर, नादिर अली, सराफा बाजार, बागपत गेट, केसरगंज, बुढ़ाना गेट, कबाड़ी बाजार आदि डाकघरों से संपर्क करें।

