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खूब भाता है गोल मंदिर में मां का भव्य रूप

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खूब भाता है गोल मंदिर में मां का भव्य रूप
  • देवी मां के मंदिर में दर्शन करने से ही हो जाती है मुराद पूरी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: इस मंदिर के चारों ओर कभी घने जंगल और आम का बाग हुआ करता था। आम के बाग के बीच स्थित यह छोटा सा ईंट और मिट्टी से बना कच्चा मंदिर हुआ करता था। इस मंदिर में दूर-दूर से देवी मां के भक्त दर्शन के लिए आते थे और साल में दो बार यानी दोनों नवरात्र को यहां पर मेले का आयोजन होता था।

मेरठ के शास्त्री नगर के पास जयदेवी नगर स्थित गोल मंदिर में स्थापित मां के अद्भुत स्वरूप की ममतामयी मूर्ति आकर्षण का केंद्र है। मंदिर की स्थापना फिल्म जगत के जाने-माने प्रोड्यूसर स्व. देवीशरण शर्मा ने 70 साल पहले की थी। आसपास के लोग बताते हैं कि देवी की मूर्ति इससे पहले से इस स्थान पर स्थापित है। देवीशरण शर्मा ने तो इस मंदिर को आधुनिक रूप प्रदान किया। आज मंदिर की भव्यता देखते ही बनती है।

महाराज ने कराई प्राण प्रतिष्ठा

फिल्म निर्माता व निर्देशक स्व. देवीशरण शर्मा के परिवार इस मंदिर की देखरेख करता है। इस भव्य मंदिर में नवरात्र में काफी लंबी लाइन लगती है। मैनेजिंग ट्रस्टी राजीव गौड़ के अनुसार जगतगुरु श्रीकृष्ण बोध आश्रम महाराज ने सन 1965 में इस मंदिर में देवी मां की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा कराई थी।

प्रतिदिन होता है अलग-अलग स्वरूप

मंदिर में स्थापित देवी मां के नौरूपों के नवरात्र में प्रतिदिन अलग-अलग स्वरूप होते हैं। मंदिर में मां देवी के शृंगार की अपनी महिमा है। नवरात्र में माता के हर रूप का अलग शृंगार होता है। अन्य दिनों में भी विशेषज्ञ शृंगार करते हैं।

सवा सौ फीट की ऊंचाई और लोट्स शेप

मंदिर का आकर्षण दूर से देखते ही बनता है। मंदिर की ऊंचाई करीब सवा सौ फीट की है। मंदिर को कमल की आकृति प्रदान की गई है। इसके पीछे मान्यता है कि देवी मां को कमल का फूल अधिक प्रिय है। इसलिए मंदिर की बनावट कमल के फूल जैसी रखी गई है। मंदिर का डोम 70 फीट है।

40 दिन दीपक जलाने से मान्यता होती पूरी

मंदिर के आसपास रहने वाले और देवी भक्तों की मानें तो यहां पर चालीस दिन मन से दीपक जलाने पर अभीष्ठ इच्छाओं की पूर्ति होती है। इसके अलावा जो भक्त मां का शृंगार करवाता है व चोला भेंट करता है। उस पर मां की विशेष कृपा होती है। दीपक जलाकर सच्चे मन से प्रार्थना करने पर मां की कृपा जरूर बरसती है।

मां भंडारे बैठी खोल के भर लो झोलियां

चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन माता के द्वितीय दिव्य स्वरूप की श्रद्धा और भक्ति के साथ आराधना की। सदर काली माई मंदिर में तड़के से श्रद्धालुओं की कतारें लगी। मुख्य पुजारी सोंकेत बनर्जी ने माता का शृंगार कर आरती की। औघड़नाथ मंदिर में सुबह से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।

बच्चा पार्क स्थित कंठी माता मंदिर में पं. दिनेश नौटियाल ने माता के दिव्य स्वरूप की आराधना की और पूजन कराया। न्यू मोहनपुरी स्थित दयालेश्वर महादेव मंदिर में भक्ति भाव के साथ माता के प्रथम दिव्य स्वरूप की आराधना की गई। लालकुर्ती स्थित श्री शक्ति धाम मंदिर में भगत नीरज मणि ने माता की मधुर भेटें गाईं।

गोल मंदिर में पं. राम नारायण शर्मा ने माता का भव्य शृंगार पर पूजन किया। झारखंडी महादेव मंदिर नगर निगम परिसर, भोलेश्वर मंदिर नई सड़क, सती मंदिर सूरजकुंड, बाबा मनोहर नाथ मंदिर सूरजकुंड, चंडी देवी मंदिर व दुर्गा मंदिर नौचंदी ग्राउंड में भी माता का पूजन किया। नौचंदी में माता को छत्र भी अर्पित किया गया।