- पड़ोसियों ने कर दी थी गंभीर रूप से पिटाई
- पुलिस घायल अवस्था में अभिषेक को लताड़ लगाती रही
जनवाणी संवाददाता |
कंकरखेड़ा: लक्ष्मीनगर निवासी एक युवक की पड़ोसी लोगों ने अपने साथियों के साथ मिलकर जमकर पिटाई कर दी। घटना शनिवार आधी रात की है। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पुलिस पहुंची तो घायल को अस्पताल में भर्ती करने के बजाय उसे लताड़ लगाती रही।
जिसकी वीडियो भी वायरल हो रही है। परिजनों ने घायल अवस्था में युवक को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसने दम तोड़ दिया। अब मृतक के भाई ने दो महिलाओं सहित छह लोगों को नामजद करते हुए पुलिस को भी घटना में पार्टी बनाया है। उन्होंने तहरीर देकर इस घटनाक्रम में दोषियों और लापरवाह पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
लक्ष्मीनगर निवासी हिम्मत सिंह यादव पुत्र सुरेश चंद्र यादव पड़ोसियों के संग थाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि 11 मार्च को उसके भाई अभिषेक के साथ पड़ोसी रजनेश पुत्र राजकुमार व अन्य दो अज्ञात धारदार हथियार से मारपीट कर दी थी। जिसमें अभिषेक के सिर की हड्डी में भी चोट थी और 20 टांके लगे थे।

इस मामले में पुलिस ने धारा 308 और 342 आईपीसी में दर्ज किया था, लेकिन पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। इसके चलते दो अप्रैल शनिवार की रात को करीब 11 बजे अभिषेक के दोस्त विपिन पाल निवासी मंगलपुरी का हिम्मत सिंह के पास फोन आया कि कुछ लोग अभिषेक को हथियारों से मारने का प्रयास कर रहे हैं। जिसके बाद हिम्मत सिंह मौके पर पहुंचे।
तब उसने देखा कि आर्ची उर्फ गुन्नू, आर्ची की मां आशा, मामा अनिल और कुलदीप पुत्र सुरेंद्र रजनेश पुत्र राजकुमार और गुल्लू उर्फ कुलदीप आदि हथियारों से मारपीट कर रहे थे। सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पुलिस पहुंची, तब घायल को अस्पताल भर्ती कराने के बजाय उसको लताड़ लगाती हुई वीडियो में दिखाई दे रही है। जिसकी वीडियो वायरल हो रही है। इसके बाद परिजनों ने उसे कंकरखेड़ा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
वहां से जिला अस्पताल भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल से मेडिकल के लिए रेफर कर दिया गया। जहां अभिषेक की उपचार के दौरान मौत हो गई। हिम्मत सिंह का कहना है कि वह आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कराने के लिए देर रात थाने पहुंचे थे, लेकिन कस्बा चौकी इंचार्ज ने उन्हें लताड़ लगाकर थाने से भगा दिया था।
पुलिस ने घटना को नहीं लिया गंभीरता से
अधिवक्ता सुनील कुमार चिंदौड़ी और दीपक राणा का कहना है कि गत 11 मार्च को पहली घटना हुई थी। जिस घटना में अभिषेक के सिर में गंभीर चोट थी। रजनेश ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर अभिषेक के सिर में धारदार हथियार से हमला किया था। जिसमें हड्डी में फ्रेक्चर था और 20 टांके लगे थे।
यदि पुलिस आरोपी रजनेश को गिरफ्तार कर लेती तो दोबारा यह घटना नहीं होती। लेकिन पुलिस इस मामले को गंभीर रूप से नहीं ले सकी। जिस कारण अभिषेक यादव की जान चली गई। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कराने की मांग की।
अवैध संबंध का शक बने रंजिश के कारण
वकील दीपक राणा ने बताया अभिषेक यादव की आशा से दोस्ती थी। वहीं, आशा की बेटी आर्ची की दोस्ती रजनेश से थी। आर्ची अपनी मां आशा और अभिषेक के संबंध को पसंद नहीं करती थी। इसी के चलते आर्ची के दोस्त रजनेश ने अपने दो साथियों को साथ लेकर 11 मार्च को अभिषेक के साथ मारपीट की थी। इसी घटना के बारे में अभिषेक एक वीडियो में पुलिस के सामने अन्य लोगों को बता भी रहा है।
जो वीडियो शनिवार रात की है। इन्हीं संबंधों के चक्कर में अभिषेक की जान चली गई, लेकिन यदि पुलिस समय से इस मामले की गंभीरता को समझ लेती तो अभिषेक की हत्या नहीं हो पाती। वहीं, लोगों में चर्चा भी रही कि इन लोगों ने मारपीट के साथ ही अभिषेक को विषैला पदार्थ दिया था। जिससे उसकी मौत हुई।

