मूलभूत विज्ञान मे आधुनिक प्रवृत्ति विषय पर दो दिवसीय सेमिनार का शुभारंभ
जनवाणी संवाददाता |
रुड़की: कोर विश्वविद्यालय में मूलभूत विज्ञान मे आधुनिक प्रवृत्ति विषय पर दो दिवसीय सेमिनार का शुभारंभ किया गया। जिसके मुख्य अतिथि यूजीसी एचआरडीसी निदेशक प्रोफेसर राजेश कुमार दुबे, विशिष्ट अतिथि प्रति कुलाधिपति कोर विश्वविद्यालय श्री श्रेयांश जैन, कार्यकारी निदेशक श्रीमती चारू जैन, कोर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉक्टर मनीष माथुर, प्रवेश विभाग के निदेशक डॉ देवेंद्र कुमार रहे। कार्यक्रम का संचालन कम्युनिकेशन विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ रश्मि गुप्ता ने किया।
कार्यक्रम के आरंभ में सेमिनार के समन्वयक डीन छात्र कल्याण डॉ वीके सिंह ने सभी अतिथियों एवं विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए सेमिनार की महत्ता पर प्रकाश डाला उन्होंने बताया इस सेमिनार का उद्देश्य शिक्षकों छात्र-छात्राओं को मूलभूत विज्ञान मे आधुनिक प्रवृत्तियो को विस्तार से अवगत कराना है, जिसे समझ कर छात्र-छात्राएं समाज कल्याण के लिए उपयोगी तकनीकी विकसित कर सकें। उन्होंने विद्यार्थियों से विज्ञान के मूलभूत तत्वों को गहराई से समझने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि श्रेयांश जैन ने छात्रों को संबोधित करते हुए बुनियादी विज्ञान के बारे में बताया और साथ ही उन्होंने बेसिक साइंसेज और फंडामेंटल साइंसेज के विभिन्न आयामों को बताया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो राजेश कुमार दुबे ने अपने व्याख्यान इप्रोमाइजिंग इकोसिस्टम आफ एच ई आई पर बोलते हुए ज्ञान प्रज्ञान व विज्ञान को विस्तार से बताया। इसके साथ साथ उन्होंने भारतीय वैज्ञानिकों के विभिन्न शोध व उनके विभिन्न आयामों के बारे में चर्चा करते हुए विज्ञान व आत्मा गॉड पार्टिकल ताम्रपत्र व भोजपत्र के फ्लॉपी, पेनड्राइव, क्लाउड स्टोरेज के परिवर्तन युग के बारे में विस्तार से चर्चा की इसके साथ ही उन्होंने नई शिक्षा नीति 2020 के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला।
सेमिनार की अन्य वक्ता भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की से आई प्रो दविंदर कौर वालिया ने अपने व्याख्यान में माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिकल सिस्टम के महत्व इसके कार्य विधि के साथ-साथ विभिन्न अनुप्रयोगों को विस्तृत रूप में समझाया।
सेमिनार व्याख्यान की अगले चरण के व्याख्यान में कोर विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो एसपी पांडे ने ग्रीन केमेस्ट्री और ग्रीन एनर्जी के ऊपर विस्तृत चर्चा करने के साथ-साथ भविष्य की संभावनाओं पर विकसित किए गए मॉडल्स को भी छात्रों के सम्मुख रखा। उन्होंने बताया कि आज पूरा विश्व अल्टरनेटिव एनर्जी सोर्सेस पर काम कर रहा है जिसके अंतर्गत भारत भी अग्रणीय देशों की सूची में है।
सेमिनार के अंतिम व्याख्यान में प्रोफ़ेसर और विभागाध्यक्ष, अनुप्रयुक्त गणित और वैज्ञानिक कंप्यूटिंग विभाग, सहारनपुर कैंपस, आईआईटी रुड़की डॉ मिली पंत, ने मशीन लर्निंग में अनुकूलन एल्गोरिदम विषय पर अपने अमूल्य विचार रखें उन्होंने छात्र-छात्राओं को मशीन लर्निंग पर आज के युग में प्रयोग हो रही आधुनिकतम तकनीकी को बड़े रुचि पूर्ण ढंग से बताया।
सेमिनार के प्रथम दिवस के अंत में डीन बेसिक साइंसेज प्रोफेसर डीबी गुप्ता ने सभी प्रतिभागियों, विषय विशेषज्ञो एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से अपना अपना दायित्व निभा रहे सभी छात्रों शिक्षकों डीन शैक्षणिक डॉ कमल कपूर, डॉ आदित्य चौहान, डॉ सुमैया प्रवीन, डॉ दीप गुप्ता, डॉ मोहित गुप्ता डॉ अमरनाथ, डॉ पाशुपति नाथ, डॉ अरुणा तोमर, डॉ रेनू चौधरी कर्मचारियों राजकुमार, संजय कुमार, राकेश कुमार आदि के प्रति हृदय की गहराइयों से आभार व्यक्त किया।