- लिसाड़ीगेट की कासमी मस्जिद के इमाम नईम को गोेलीकर हो गया था फरार
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: लिसाड़ीगेट के जैद गार्डन स्थित कासमी मस्जिद में घुसकर इमाम मौलाना नईम को गोली मारने वाले सरताज की तलाश में मेरठ पुलिस दबिश देती रह गई और अभियुक्त ने दिल्ली जाकर गाजीपुर थाने में सरेंडर कर दिया। हालांकि अधिकारी कह रहे हैं कि उसने सरेंडर नहीं किया है। दिल्ली पुलिस ने चेकिंग के दौरान उसको गिरफ्तार किया है। फिलहाल सरताज को मेरठ लाने के लिए एक पुलिस टीम दिल्ली के लिए रवान हो गयी है। उम्मीद है कि देर रात तक वह मेरठ पहुंच जाएगा। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने जानकारी दी कि सरताज की गिरफ्तारी की सूचना गाजीपुर थाना पुलिस ने भेजी है। वहां के अधिकारी लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।
रविवार की सुबह करीब 6.00 बजे लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र के जैद गार्डन इलाके में स्थित कासमी मस्जिद में घुसकर इमाम मौलाना नईम को रिहान गार्डन निवासी सरताज नाम के शख्स ने गोली मार दी थी। वारदात के बाद उसकी तलाश में पुलिस ताबड़तोड़ दबिशें दे रही थी। वह यहां एक मकान में किराए पर रहता है और कपडेÞ की फेरी लगता था। यह भी पता चला है कि उसको परिवार वालों ने अलग कर दिया था। मस्जिद के भीतर घुसकर गोली मारने की घटना के चलते पुलिस अभियुक्त की गिरफ्तारी में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही थी। एसएसपी ने दो टीमों का भी गठन किया था, लेकिन कहीं भी उसकी लोकेशन नहीं मिली। पता चल चला कि वारदात को अंजाम देकर सरताज दिल्ली भाग गया था। हालांकि यह भी चर्चा है कि उसने सरेंडर नहीं किया है, चेकिंग के दौरान दिल्ली पुलिस ने उसका हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है।
खतरनाक मंसूबों के साथ पहुंचा था
बताया जाता है कि सरताज बेहद खतरनाक मंसूबों के साथ कासमी मस्जिद में पहुंचा था। वह दो तमंचे लेकर आया था, इससे उसका इरादा साफ हो गया कि वह मौलाना नईम को निपटा देना चाहता था। पहले तमंचे से जब फायर किया तो गोली उसकी में फंसी रह गयी। फिर उसने दूसरा तमंचा निकाला और फायर किया। इस बार कोई गलती नहीं हुई। उसके पास धारदार हथियार भी थे। उसके इरादों से जाहिर है कि यदि मौलाना नईम को कोई बचाने आता तो वह उस पर भी हमला कर देता। मेरठ लाकर पुलिस उससे पूछताछ की बात कह रही है।
रिश्तेदार के यहां थी मासूम, अपहरण का मचा शोर
ब्रह्मपुरी के इंद्रानगर इलाके से कक्षा दो की छात्रा के अपहरण की खबर ने पुलिस को करीब एक घंटे तक छकाए रखा। बाद में मासूम अपने रिश्तेदार के यहां जब सलामत मिली तो पुलिस वालों ने भी राहत की सांस ली। इंद्रानगर निवासी दंपति अनिल व सोनिया की नौ साल की बेटी हिमांशी कक्षा दो की छात्रा है और भारती स्कूल में पढ़ती है। सोमवार को करीब एक बजे स्कूल की छुट्टी होेने पर बच्ची अपने घर पहुंची तो वहां ताला लटका हुआ था।
दरअसल, अनिल व सोनिया किसी काम से कहीं चले गए थे। बच्ची अपने घर के बाहर ही थी। इस बीच स्कूल के और बच्चे भी वहां से निकल रहे थे। उसी दौरान बच्ची की एक महिला रिश्तेदार वहां से आ निकली। उसने देखा कि बच्ची अकेली खड़ी है। घर पर ताला झूल रहा है, तो वो हिमांशी को अपने साथ ले गई। कुछ देर में अनिल व सोनिया लौटकर आ गए। उन्हें जब पता चला कि स्कूुल की छुट्टी हो चुकी है और बच्ची नहीं आयी तो डायल 112 पर काल कर दिया। वहां पुलिस पहुंच गयी। ब्रह्मपुरी पुलिस भी पहुंच गयी।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने कई टीमें लगा दीं। सीसीटीवी खंगाले गए। सीसीटीवी ट्रेस करते हुए पुलिस महिला रिश्तेदार के घर तक जा पहुंची। वहां बच्ची सलामत मिल गयी। इस महिला रिश्तेदार ने बताया कि बच्ची को सड़क पर अकेली खड़ी देखकर वह अपने साथ ले आयी। बच्ची मिलने पर माता-पिता व पुलिस ने राहत की सांस ली।

